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निरंजनी अखाड़े के आचार्य बनेंगे कैलाशानंद
hridwar uttrakhanda india
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:09 AM IST
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कैलाशानंद
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। वर्तमान में पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी संन्यासियों के निरंजनी अखाड़े में सर्वोच्च पद संभालने जा रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी 2017 में वे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बन जाएंगे। यह घोषणा आज रविवार को निरंजनी अखाड़े द्वारा की गई।
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अखाड़ों के आचार्यों का पद कभी शंकराचार्यों के पास हुआ करता था। कालांतर में सभी अखाड़ों ने अपने अलग-अलग आचार्य बनाने का निर्णय लिया। अब सभी अखाड़ों के अलग आचार्य हैं, जो संन्यासियों को दीक्षित करते हैं। निरंजनी अखाड़े सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि कैलाशानंद को आचार्य बनाने का निर्णय सर्वसम्मति से हो चुका है। निरंजनी अखाड़ा विद्वानों, तपस्वियों एवं शिक्षित संतों का अखाड़ा है। इस पद पर बहुत समय से योग्य संत की तलाश की जा रही थी। अब कैलाशानंद ब्रह्मचारी को अभिशिक्त (अभिषेक) करने का निर्णय ले लिया गया है। अगली 14 जनवरी को वे यह महत्वपूर्ण दायित्व संभाल लेंगे।
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पूछे जाने पर दक्षिण कालीपीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि निरंजनी अखाड़ा विद्वान संतों का अखाड़ा है। अखाड़े के निर्णय को वे पूर्ण सम्मान करेंगे। इसके लिए वे अपने पंच अग्नि सभापति बापू गोपालानंद ब्रह्मचारी से अनुमति प्राप्त कर रहे हैं।
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