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हरिद्वार: पेड़ काटने पर दस लोगों को पांच साल की सजा
Wed, 25 Sep 2019 11:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 11:36 PM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
संगठित गिरोह बनाकर राजाजी टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र से पेड़ काटने ओर वनकर्मियों को जान से मारने की धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष जज गैंगस्टर/ तृतीय एडीजे वरुण कुमार ने दस लोगाें को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास और प्रत्येक को 3-3 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन अधिकारी संगीता ने बताया कि 26 मार्च 2011 में तत्कालीन एसएसआई नीलम रावत ने डीएम की ओर से जारी गैंग चार्ट के आधार पर आरोपी गैंग लीडर इलियास उर्फ ढंगी पुत्र अली हसन, भूरा पुत्र रूढा, इमरान उर्फ डिब्बा पुत्र शब्बीर, राशिद उर्फ सुशनडी पुत्र अय्यूब, रिजवान पुत्र मजरा, अब्दुल पुत्र नन्हा, मुनसैद सिददा, इकराम पुत्र नन्हा, सादी उर्फ नौशाद पुत्र कुर्बान व मारूफ पुत्र रूढा निवासी गण ग्राम हजारा ग्रंट के खिलाफ कोतवाली रानीपुर में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि वादी एसएसआई नीलम रावत अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए गश्त कर रहे थे।
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आरोपित टाइगर रिजर्व से पेड़ काटकर चोरी कर रहे थे। वन कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उक्त लोगों ने जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गिरोह बनाकर आतंकित करने के मामले में आरोप दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व बहस को सुनने के बाद सभी 10 आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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