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सिस्टम को नहीं दिखती बेहाली

Fri, 24 Mar 2017 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Fri, 24 Mar 2017 10:10 PM IST
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नालों में बहती सीवर और  गोबर की जो गंदगी आम लोगों को रोज दिखाई देती है, वह सरकारी सिस्टम को नहीं दिखती। सिस्टम हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहा है। दावे भले ही गंगा की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने के किए जाते रहें, लेकिन हकीकत यह है कि  प्रशासन की पूरी कवायद केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित है। गंगा को जीवित आदमी के समान दर्जा और अधिकार देने के आदेशों के बाद स्थिति में सुधार आएगा या नहीं यह तो भविष्य में दिखेगा। फिलवक्त तो गंगा में प्रदूषण  है और सिस्टम बेखबर।   

 हरिद्वार-ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर नगली बेला आश्रम के पास नाला सीवर की गंदगी से पटा है। दुर्गानगर का सीवर भी इसी नाले में छोड़ा जा रहा है। हाईवे पर दूधाधारी चौक का नाला भी गंदगी से भरा है।  आश्रम की गोशाला का सारा गोबर इस नाले में छोड़ा जा रहा है। हाईवे चौड़ीकरण कार्य के चलते भी नाले की निकासी भी बंद है। हरिधाम आश्रम ने अपनी गोशाला का गोबर नाले में डालने के लिए सड़क तोड़कर पाइप लाइन डलवा रखी है। गोबर नाले में छोड़ने से नाले की मछलियां मर चुकी हैं। लेकिन सिस्टम को गोबर नाले में बहता पाइप दिख नहीं रहा है। मायापुर क्षेत्र में वीआईपी चौक के पास स्थिति सीवरेज पंपिंग स्टेशन के साथ नगर निगम कर्मचारी की सड़क चल रही गोशाला भी सिस्टम की नजर में नहीं आती है।       
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लालजीवाला में वन गुर्जरों का डेरा      
 गंगा किनारे लालजीवाला की सिंचाई विभाग की मेला भूमि को वन गुर्जरों ने घेर लिया है। सैकड़ों, भैंसों, गाय तथा बकरियों के साथ उन्होंने डेरा डाल रखा है। इस मेला मैदान के दोनों तरफ गंगा नदी बहती है। वन गुर्जर भैंसों को गंगाघाटों पर ही पानी पिलाने व नहलाने के लिए ले जाते हैं। भैंसें रोजना घंटों तक गंगा में मस्ती मारती हैं। गोबर ओर मूत्र त्याग कर गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है।
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अफसरों को अफसोस नहीं        
नालों में बहती सीवर, गोशाला से पाइप के जरिए नाले में छोड़ा जा रहा गोबर होने के बाद भी सिस्टम में बैठे अफसरों को अफसोस नहीं है। उनके हिसाब से यह सब तो चलता रहता है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश शर्मा ने नाले में बहती सीवर की गंदगी की फोटो देखकर कागज पर नोट किया। सड़क पर अपने कर्मचारी की गोशाला की फोटो देखकर कहा, वह हमारा कर्मचारी है इतना तो उसे अधिकार है। वह सफाई रखता है मैंने कई बार देखा है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रवीण कुमार को जब सिस्टम की अनदेखी के कारनामों की फोटो दिखाई तो उन्होंने संबंधति क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टरों को नोट कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।      
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