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स्वामी शिवानंद ने जल भी त्यागा
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:36 PM IST
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गंगा में हो रहे खनन के खिलाफ अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने शनिवार से जल भी त्याग दिया है। मेडिकल करने आई टीम को मातृसदन से ब्रह्मचारियों ने यह कहते हुए लौटा दिया कि तपस्या में मेडिकल चेकअप नहीं कराया जाएगा। ब्रह्मचारियों ने स्वामी शिवानंद के हवाले से कहा कि गंगा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
गंगा में खनन रोकने और स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने पिछले 23 दिन तक अनशन किया था। सात दिन पहले उनका अनशन समाप्त करवा कर स्वामी शिवांनद ने खुद अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति समेत पांच माननीयों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सात दिन में कोई जवाब नहीं आने पर अनशन के साथ जल त्यागने का भी अल्टीमेटम दिया था। शनिवार से स्वामी शिवानंद ने जल भी त्याग दिया। शनिवार को स्वामी शिवानंद ने किसी से मुलाकात और बात भी नहीं की। आश्रम के ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया कि गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्वामी शिवानंद के हवाले से कहा कि खनन करके गंगा के सीने को छलनी किया जा रहा है। तमाम आंदोलन और शिकायतों के बाद भी शासन और प्रशासन खनन पर रोक लगाने में नाकाम रहा है।
गंगा में खनन रोकने और स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने पिछले 23 दिन तक अनशन किया था। सात दिन पहले उनका अनशन समाप्त करवा कर स्वामी शिवांनद ने खुद अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति समेत पांच माननीयों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सात दिन में कोई जवाब नहीं आने पर अनशन के साथ जल त्यागने का भी अल्टीमेटम दिया था। शनिवार से स्वामी शिवानंद ने जल भी त्याग दिया। शनिवार को स्वामी शिवानंद ने किसी से मुलाकात और बात भी नहीं की। आश्रम के ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया कि गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्वामी शिवानंद के हवाले से कहा कि खनन करके गंगा के सीने को छलनी किया जा रहा है। तमाम आंदोलन और शिकायतों के बाद भी शासन और प्रशासन खनन पर रोक लगाने में नाकाम रहा है।
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