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वेस्ट यूपी के शूटरों पर शक, चार से पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 08 Mar 2017 10:38 PM IST
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कंबल व्यापारी अमित दीक्षित हत्याकांड में पुलिस ने बुधवार को वेस्ट यूपी के तीन संदिग्धों सहित चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस की दो टीमें पौड़ी गढ़वाल भेजी गई हैं। जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का दावा है कि खुलासे की दिशा में कुछ अहम सुराग मिले हैं।
रेलवे स्टेशन से सटी निर्मला छावनी कालोनी में बाइक सवार बदमाशों ने 6 मार्च की शाम को व्यापारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्या को जिस तरीके से अंजाम दिया गया है, उससे लग रहा है कि शूटर वेस्ट यूपी के हो सकते हैं। लिहाजा पुलिस हरिद्वार के समीपवर्ती जनपदों में जाकर शूटरों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसमें यूपी पुलिस की मदद भी ली जा रही है। वेस्ट यूपी के तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। जबकि अन्य संदिग्ध को भी उठाया गया। पूछताछ के दौरान कुछ सुराग भी पुलिस के हाथ लगने की बात सामने आ रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर भी हमलावरों तक पहुंचने में लगी हैं। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
अब पांच करोड़ की चर्चा
व्यापारी की हत्या के मामले में संपत्ति और ट्रस्ट के विवाद के बाद अब मोटी नगदी के लेनदेन की चर्चा भी सामने आ रही है। पड़ताल में जुटी पुलिस को नोटबंदी के दौरान पांच करोड़ कैश के लेनदेन की सुगबुगाहट मिली है। पुलिस टीमों ने इस एंगल पर भी काम शुरू कर दिया है। गोल्डी की हत्या के पीछे अभी तक संपत्ति और ट्रस्ट का विवाद खंगाला जा रहा है। बुधवार को पुलिस को जानकारी मिली है कि नोटबंदी के समय पुराने नोटों की अदला बदली के लिए पांच करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस अभी इसकी पुष्टि करने में जुटी है। इसके लिए अलग अलग बैंकों से भी संपर्क साधा गया है।
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एसटीएफ ने संभाली कमान
हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर व्यापारियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जांच कई अलग- अलग दिशाओं में दौड़ रही है। पुलिस और क्राइम क्रिटिकल यूनिट के अलावा एसटीएफ की मदद भी खुलासे में ली जा रही है। बुधवार को एसटीएफ की एक टीम ने हरिद्वार पहुंचकर जांच शुरू की।
व्यापारियों ने परिचय दिया तो उखड़े साहब
अमित दीक्षित हत्याकांड में पुलिस और व्यापारियों की बैठक के दौरान कुछ व्यापारी नेताओं की हसरत अधूरी रह गई। बैठक में एसएसपी के पहुंचने पर कुछ व्यापारी नेता अपना परिचय देने लगे। इस पर पुलिस कप्तान ने उन्हें टोकते हुए अहसास कराया कि यह परिचय कराने का समय नहीं है। एसएसपी का कहना था कि पुलिस टीमें खुलासे में जुटी हैं। खुलासा 24 घंटे में भी हो सकता है और 48 घंटे भी लग सकते हैं। एसएसपी के तेवर देख व्यापारी नेता अवाक रह गए।
रेलवे स्टेशन से सटी निर्मला छावनी कालोनी में बाइक सवार बदमाशों ने 6 मार्च की शाम को व्यापारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्या को जिस तरीके से अंजाम दिया गया है, उससे लग रहा है कि शूटर वेस्ट यूपी के हो सकते हैं। लिहाजा पुलिस हरिद्वार के समीपवर्ती जनपदों में जाकर शूटरों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसमें यूपी पुलिस की मदद भी ली जा रही है। वेस्ट यूपी के तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। जबकि अन्य संदिग्ध को भी उठाया गया। पूछताछ के दौरान कुछ सुराग भी पुलिस के हाथ लगने की बात सामने आ रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर भी हमलावरों तक पहुंचने में लगी हैं। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
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अब पांच करोड़ की चर्चा
व्यापारी की हत्या के मामले में संपत्ति और ट्रस्ट के विवाद के बाद अब मोटी नगदी के लेनदेन की चर्चा भी सामने आ रही है। पड़ताल में जुटी पुलिस को नोटबंदी के दौरान पांच करोड़ कैश के लेनदेन की सुगबुगाहट मिली है। पुलिस टीमों ने इस एंगल पर भी काम शुरू कर दिया है। गोल्डी की हत्या के पीछे अभी तक संपत्ति और ट्रस्ट का विवाद खंगाला जा रहा है। बुधवार को पुलिस को जानकारी मिली है कि नोटबंदी के समय पुराने नोटों की अदला बदली के लिए पांच करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस अभी इसकी पुष्टि करने में जुटी है। इसके लिए अलग अलग बैंकों से भी संपर्क साधा गया है।
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एसटीएफ ने संभाली कमान
हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर व्यापारियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जांच कई अलग- अलग दिशाओं में दौड़ रही है। पुलिस और क्राइम क्रिटिकल यूनिट के अलावा एसटीएफ की मदद भी खुलासे में ली जा रही है। बुधवार को एसटीएफ की एक टीम ने हरिद्वार पहुंचकर जांच शुरू की।
व्यापारियों ने परिचय दिया तो उखड़े साहब
अमित दीक्षित हत्याकांड में पुलिस और व्यापारियों की बैठक के दौरान कुछ व्यापारी नेताओं की हसरत अधूरी रह गई। बैठक में एसएसपी के पहुंचने पर कुछ व्यापारी नेता अपना परिचय देने लगे। इस पर पुलिस कप्तान ने उन्हें टोकते हुए अहसास कराया कि यह परिचय कराने का समय नहीं है। एसएसपी का कहना था कि पुलिस टीमें खुलासे में जुटी हैं। खुलासा 24 घंटे में भी हो सकता है और 48 घंटे भी लग सकते हैं। एसएसपी के तेवर देख व्यापारी नेता अवाक रह गए।