फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Straw reached close to the government rate of wheat

गोशालाओं के स्टोर खाली, मवेशियों के लिए चारे का संकट

Thu, 19 May 2022 08:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 08:24 PM IST
विज्ञापन
Straw reached close to the government rate of wheat
बहारी राज्यों से भूसा कम आने के कारण पशुपालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सीजन में ही भूसा 1400 रुपये क्विंटल बिक रहा है। जबकि अभी सरकारी क्रय केंद्रों पर ही किसानों ने अपना गेहूं 2050 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा। इस तरह से भूसे और गेहूं के रेट के बीच कोई खास अंतर नहीं रह गया। आशंका जताई जा रही है कि बरसात और सर्दी के मौसम में भूसा के दाम गेहूं के दाम को भी पीछे छोड़ देगा।
विज्ञापन

शहर और देहात क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़े हैं। हरिद्वार में कई आश्रम, अखाड़ों और संस्थाओं की भी गोशालाएं हैं। हरिद्वार में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों से भूसा आता रहा है। इस बार बाहरी राज्यों में गेहूं का रकबा कम होने से भूसे का संकट खड़ा हो गया। हरियाणा सरकार की ओर से भूसे की बाहरी राज्यों के लिए बिक्री पर रोक लगाई है। जिससे हरियाणा से भूसा आना बंद हो गया है। अब हालत है पशुपालक अपने खेतों से निकले भूसे से कुछ महीनों तक मवेशियों को चारा खिला लेंगे, लेकिन गोशालाओं के भूसा गोदाम खाली हो गए हैं।
विज्ञापन

स्थानीय भूसा स्टोरों से भी पर्याप्त मात्रा में भूसा नहीं है। भूसे की कमी और मांग अधिक होने के साथ ही दाम भी बढ़ने से परेशानी आ रही है। संतोषी माता आश्रम गऊशाला के संचालक अशोक शांडिल्य ने बताया कि भूसे की बेहद किल्लत खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक तरफ गौ संरक्षण की बात की जाती है। दूसरी तरफ भूसे की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। हरिद्वार जिले में हर तरफ भूसे का संकट है।
- प्रदीप चौधरी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष
जिस तरह से भूसे का संकट हो रहा है उससे बड़ी समस्या हो सकती है। सरकार को भूसा का उपयोग फैक्टरी और अन्य व्यावसायिक कार्यों में रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
- रामकुमार मिश्रा, श्मशान विकास समिति कनखल
भूसे की मांग अधिक है। मांग के सापेक्ष भूसा नहीं मिल पा रहा है। 40 फीसदी भूसा पंजाब, यूपी से बड़ी मुश्किल से आ रहा है। दाम भी 1350 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। पशु पालकों के साथ ही भूसा स्टोर संचालक भी इस समस्या से परेशान हैं।

- फुरकान अहमद, भूसा स्टोर संचालक
भूसे की किल्लत को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष बैठक में बात रखी गई थी। पशु चिकित्साधिकारी को भी इससे अवगत कराया है। इस संबंध में जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
- अवधेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed