{"_id":"bbc847cb8e628a0570be54c80f82aebe","slug":"sports-in-shantikunj","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांतिकुंज में खेल महोत्सव शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शांतिकुंज में खेल महोत्सव शुरू
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 10 Feb 2014 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शांतिकुंज में रविवार से खेल महोत्सव प्रारंभ हुआ। 16 फरवरी तक चलने वाले
विज्ञापन
इस महोत्सव का शुभारंभ गायत्री परिवार प्रमुख शैल जीजी एवं देव संस्कृति
विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने दीप जलाकर किया।
इस अवसर पर डा. पण्ड्या ने कहा कि यह उत्सव वासंती उल्लास के साथ जीवन में नव उत्साह उमंग भर देने के लिए आयोजित हो रहा है। जीवन एक खेल है, उसे खेल की तरह ही जीना चाहिए।
खेल की तरह लें जीवन को
शैल जीजी ने इस उत्सव के मनोहर रंग को जीवन में गहरे तक रंग देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जिसके मन में सदा उत्साह उमंग और आशा उल्लास भरा रहे, वह युवा है। पहले दिन शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा की टीम के साथ डॉ. प्रणव पण्ड्या की टीम के मैच हुए।
वॉलीबाल एवं रस्साकसी में डॉ. प्रणव पण्डया की टीम विजयी हुई। इसके अलावा बोरादौड़ एवं लाठी खेल हुआ। विशेष लाठी खेल में वीरेश्वर उपाध्याय का लाठी प्रयोग देखने योग्य था।
विज्ञापन
खेल प्रतियोगिताओं में डॉ. अमल कुमार दत्ता, बृजमोहन गौड़, हरीश ठक्कर, केसरी कपिल, शरद पारधी, डॉ. राम प्रकाश पांडे, शिव प्रसाद मिश्र, ओपी शर्मा आदि ने भाग लिया।
इस अवसर पर डा. पण्ड्या ने कहा कि यह उत्सव वासंती उल्लास के साथ जीवन में नव उत्साह उमंग भर देने के लिए आयोजित हो रहा है। जीवन एक खेल है, उसे खेल की तरह ही जीना चाहिए।
खेल की तरह लें जीवन को
शैल जीजी ने इस उत्सव के मनोहर रंग को जीवन में गहरे तक रंग देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जिसके मन में सदा उत्साह उमंग और आशा उल्लास भरा रहे, वह युवा है। पहले दिन शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा की टीम के साथ डॉ. प्रणव पण्ड्या की टीम के मैच हुए।
विज्ञापन
वॉलीबाल एवं रस्साकसी में डॉ. प्रणव पण्डया की टीम विजयी हुई। इसके अलावा बोरादौड़ एवं लाठी खेल हुआ। विशेष लाठी खेल में वीरेश्वर उपाध्याय का लाठी प्रयोग देखने योग्य था।
विज्ञापन
खेल प्रतियोगिताओं में डॉ. अमल कुमार दत्ता, बृजमोहन गौड़, हरीश ठक्कर, केसरी कपिल, शरद पारधी, डॉ. राम प्रकाश पांडे, शिव प्रसाद मिश्र, ओपी शर्मा आदि ने भाग लिया।