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कहीं खुले में रखे ट्रांसफार्मर तो कहीं टूटे पड़े जाल

Sun, 22 May 2022 08:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 08:21 PM IST
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Somewhere the transformers are kept in the open and somewhere the nets are broken.
शंकर आश्रम के पास मुख्य मार्ग पर ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जाली टूटी पड़ी। - फोटो : HARIDWAR
शहर से लेकर देहात तक बिजली के ट्रांसफार्मर कहीं खुले में रखे हैं तो कहीं इनके चारों तरफ लगी सुरक्षा जालियां क्षतिग्रस्त हैं। हालात ये हैं कि सालों से सुरक्षा जालियों को बदलवाना तो दूर मरम्मत तक नहीं कराई गई है। शहर में भूमिगत विद्युत लाइनों के जगह-जगह लगे बॉक्स भी खतरे की घंटी बजा रहे हैं। हल्के से फाल्ट होने पर आग लग जाती है।
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हरिद्वार और ज्वालापुर डिविजन में करीब डेढ़ हजार छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। नगर डिविजन के अधिकांश इलाकों में विद्युत लाइन भूमिगत हो चुुकी है। जबकि ज्वालापुर के साथ ही देहात के कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों को लेकर अधिकारी ध्यान देने को तैयार नहीं है। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। इनके आसपास ही लोग रेहड़ी, फड़ लगाकर सामान बेचते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। अधिकांश बड़े ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ सुरक्षा जाली तो लगी हुई हैं। पर जालियां क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। आसपास घास उगी होने से आवारा पशु अंदर घुसते हैं।
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इन क्षेत्रों में है ज्यादा समस्या
ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के पास, अहबाबनगर, चौहानान में मेन रोड और पांवधोई के साथ ही देहात के कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा जालियां क्षतिग्रस्त हैं। जबकि कई ट्रांसफार्मर खुले में रखकर ऊर्जा निगम भूल गया है।
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गलियों में ही लगा दिए विद्युत बॉक्स
स्थानीय निवासी शुभम अग्रवाल, अश्वनी धीमान, अरुण सक्सेना का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने भूमिगत विद्युत के कार्य में लापरवाही बरती है। विद्युत बॉक्स सड़क किनारे और गलियों में ही बिल्कुल नीचे लगा दिए हैं। कई जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत बॉक्स किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

संबंधित क्षेत्र के उप खंड अधिकारियों से ट्रांसफार्मरों के बारे में जानकारी ली जाएगी। जहां भी ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं उन्हें जाल लगाकर कवर कराया जाएगा। क्षतिग्रस्त सुरक्षा जालियों की मरम्मत करवाई जाएगी।
- अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम
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