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गंगा रहेगी तो ही भारत का अस्तित्व
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 01 Mar 2017 10:00 PM IST
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गंगा की स्वच्छता और अविरलता के लिए भारतमाता मंदिर के संस्थापक निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के सानिध्य में गंगामाता महायज्ञ शुरू हुआ। इस मौके पर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि बांध बनाकर गंगा को कैद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि गंगा रहेगी तो ही भारत का अस्तित्व है। बिना गंगा के भारत के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।
इस मौके पर भारत सदन में ध्वजारोहण और यज्ञ कुंड में अग्नि प्रज्जवलित की गई। यज्ञ स्थल पर हेलीकाप्टर से फूलों की वर्षा की गई। श्री गंगामाता महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि श्री गंगामाता महायज्ञ गंगा की पावनता शुचिता को बनाए रखने के लिए जनजागरण का काम करेगा। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि गुरुदेव के पुण्य संकल्प का साकार रूप श्री गंगामाता महायज्ञ है। जो द्रव्यस्वरूपा मां भगवती भागीरथी की अभ्यर्थना का माध्यम बना है। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि हमने अपने जीवन को उज्जवल बनाने के लिए गंगा को सुरंगों और बांधों में कैद कर गंगाजी को अंधकार में धकेलने का काम किया है। यह प्रकृति, मानव और जीव जंतुओं के लिए अभिशाप है।
इसके बाद भारत सदन से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, और कई आकर्षक झांकियां शामिल थी। शोभायात्रा का कई जगह स्वागत किया गया। लालमाता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, सद्भावना मंदिर के प्रमुख आचार्य पारसमुनि, शदाणी दरबार के प्रबंधक, अमर शदाणि, ने लालमाता मंदिर के सामने फूलों की वर्षा कर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरि, महंत ललितानंद गिरि का स्वागत किया। भारत माता मंदिर के सामने आईडी त्रिवेदी, उदय नारायण पांडे, हरिहर जोया, परशुराम, भारत माता मंदिर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश शर्मा, सुनीत रस्तोगी, विजय ड्रोलियां, अमित पांडे, राजपाल नेगी, आदि व्यापारियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य न्यासी आईडी शर्मा शास्त्री, श्री महंत ललितानंद, भूपेंद्र कौशिक, वीरेंद्र दत्त शर्मा, सुरेश केडिया, नवीन शर्मा, जयश्री व्यास आदि लोग शामिल हुए।
इस मौके पर भारत सदन में ध्वजारोहण और यज्ञ कुंड में अग्नि प्रज्जवलित की गई। यज्ञ स्थल पर हेलीकाप्टर से फूलों की वर्षा की गई। श्री गंगामाता महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि श्री गंगामाता महायज्ञ गंगा की पावनता शुचिता को बनाए रखने के लिए जनजागरण का काम करेगा। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि गुरुदेव के पुण्य संकल्प का साकार रूप श्री गंगामाता महायज्ञ है। जो द्रव्यस्वरूपा मां भगवती भागीरथी की अभ्यर्थना का माध्यम बना है। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि हमने अपने जीवन को उज्जवल बनाने के लिए गंगा को सुरंगों और बांधों में कैद कर गंगाजी को अंधकार में धकेलने का काम किया है। यह प्रकृति, मानव और जीव जंतुओं के लिए अभिशाप है।
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इसके बाद भारत सदन से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, और कई आकर्षक झांकियां शामिल थी। शोभायात्रा का कई जगह स्वागत किया गया। लालमाता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, सद्भावना मंदिर के प्रमुख आचार्य पारसमुनि, शदाणी दरबार के प्रबंधक, अमर शदाणि, ने लालमाता मंदिर के सामने फूलों की वर्षा कर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरि, महंत ललितानंद गिरि का स्वागत किया। भारत माता मंदिर के सामने आईडी त्रिवेदी, उदय नारायण पांडे, हरिहर जोया, परशुराम, भारत माता मंदिर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश शर्मा, सुनीत रस्तोगी, विजय ड्रोलियां, अमित पांडे, राजपाल नेगी, आदि व्यापारियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य न्यासी आईडी शर्मा शास्त्री, श्री महंत ललितानंद, भूपेंद्र कौशिक, वीरेंद्र दत्त शर्मा, सुरेश केडिया, नवीन शर्मा, जयश्री व्यास आदि लोग शामिल हुए।
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