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शिवानंद का अनशन तुड़वाने पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 02 Dec 2016 10:58 PM IST
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गंगा में खनन के विरोध में अनशन पर बैठ स्वामी शिवानंद को मनाने पहुंची प्रशासन की टीम को देर शाम मातृसदन के संतों ने आश्रम में घुसने नहीं दिया। आखिर में टीम को बैरंग लौटना पड़ा। दूसरी ओर राष्ट्रपति सहित पांच माननीयों को भेजे गए पत्र का जवाब नहीं आने पर स्वामी शिवानंद ने शनिवार से जल त्यागने का निर्णय लिया है। पहले उन्होंने शुक्रवार से जल त्यागने का ऐलान किया था।
गंगा में खनन रोकने और स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 23 दिन तक अनशन किया था। उनका अनशन समाप्त करवा कर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद खुद अनशन पर बैठ गए थे। उन्होंने राष्ट्रपति समेत पांच माननीयों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सात दिन में कोई जवाब नहीं आने पर अनशन के साथ जल त्यागने का अल्टीमेटम दिया था। इसको लेकर शुक्रवार को भी कोई जवाब नहीं आया। इस पर स्वामी शिवांनद ने शनिवार से जल त्याग करने का निर्णय लिया है। देर शाम एसडीएम मनीष कुमार सिंह और सीओ मनीषा जोशी उन्हें मनाने आश्रम पहुंचे।
उन्होंने स्वामी शिवानंद से मिलने का आग्रह किया लेकिन, ब्रह्मचारी दयानंद और अन्य ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ब्रह्मचारी दयानंद ने अधिकारियों के आग्रह को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि ग़ुरुदेव तपस्या कर रहे हैं। साथ ही खनन पर रोक समेत सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक अनशन समाप्त नहीं करने की बात कही। काफी देर तक आश्रम के बाहर इंतजार करने के बाद अधिकारियों की टीम लौट गई।
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गंगा में खनन रोकने और स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 23 दिन तक अनशन किया था। उनका अनशन समाप्त करवा कर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद खुद अनशन पर बैठ गए थे। उन्होंने राष्ट्रपति समेत पांच माननीयों को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सात दिन में कोई जवाब नहीं आने पर अनशन के साथ जल त्यागने का अल्टीमेटम दिया था। इसको लेकर शुक्रवार को भी कोई जवाब नहीं आया। इस पर स्वामी शिवांनद ने शनिवार से जल त्याग करने का निर्णय लिया है। देर शाम एसडीएम मनीष कुमार सिंह और सीओ मनीषा जोशी उन्हें मनाने आश्रम पहुंचे।
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उन्होंने स्वामी शिवानंद से मिलने का आग्रह किया लेकिन, ब्रह्मचारी दयानंद और अन्य ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ब्रह्मचारी दयानंद ने अधिकारियों के आग्रह को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि ग़ुरुदेव तपस्या कर रहे हैं। साथ ही खनन पर रोक समेत सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक अनशन समाप्त नहीं करने की बात कही। काफी देर तक आश्रम के बाहर इंतजार करने के बाद अधिकारियों की टीम लौट गई।
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