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Haridwar News: निर्मला छावनी में नहीं बिछ पाई सीवर लाइन, लगे कूढ़े के ढेर
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IIकहने को तो नाम निर्मला छावनी है, लेकिन सीवर की लाइन नहीं बिछ पाई है। कूड़े के ढेर और गंदगी मुंह चिढ़ाती रहती है। इससे वार्ड शहर की मुख्य धारा में भी नहीं जुड़ पाया है।
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Iनगर निगम हरिद्वार की ओर से इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में अपनी रैंकिंग को सुधारा गया है, लेकिन बावजूद इसके शहर की स्वच्छता की पोल निर्मला छावनी साफ खोल रही है। निर्मला छावनी में करीब 10 हजार की आबादी और चार हजार वोटर हैं। वार्ड में चार मलिन बस्ती हैं। करीब डेढ़ सौ फैक्टरियां भी हैं। जिनमें काम करने वाले श्रमिक भी यहां रहते हैं, लेकिन मोहल्लों में साफ-सफाई के इंतेजाम पर्याप्त नहीं हैं। इस वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। मवेश कूड़े के ढेरों पर दिनभर मुंह मारते रहते हैं। संक्रमण बीमारी फैलने का खतरा अलग से बना रहता है।
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Iवार्ड के देवपुरा और निर्मला छावनी को छोड़कर बाकी में सीवरेज लाइन नहीं डाली गई है। जिससे 30 प्रतिशत हिस्से को छोड़कर 70 फीसदी इलाके में सीवर लाइन नहीं होने से गंदगी भी सड़कों पर कई बार आ जाती है। इस कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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Iकूड़ का उठान नहीं हो रहा है। कूड़े के ढेर सड़कों पर जहां-जहां पड़े रहते हैं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कम से कम सफाई को लेकर तो अधिकारी गंभीर हों।
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Iविनीत धीमान, उद्यमी
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Iवार्ड में सीवरेज के कनेक्शन नहीं मिलने के कारण शहर की मुख्य धारा से यह वार्ड हटा हुआ है। लोगों को समुचित और जनसुविधाएं मुहैया कराने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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Iयोगेश कुमार, स्थानीय निवासी
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Iएक साल पहले मिल चुकी सीवर लाइन को मंजूरी
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I- वार्ड में सीवर लाइन की समस्या को देखते हुए पार्षद की ओर से दिए गए प्रस्ताव बोर्ड ने पारित कर दिया था। एक साल पहले सीवरेज लाइन डालने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी भी दे दी गई थी। जिसके लिए बजट भी आया हुआ है, लेकिन आज तक सीवर लाइन नहीं डाली गई है।
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Iसीवर लाइन डालने के लिए उनकी ओर से लगातार अधिकारियों से कहा जा रहा है, लेकिन उनका कार्यकाल भी समाप्त हो गया है, सीवर लाइन नहीं डाली गई। आजकल करके उन्हें केवल टरकाया जा रहा है। कूड़े उठान के लिए उनकी ओर से अब भी अधिकारियाें और कर्मचारियों से कहा जाता है, पर अब वह कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इस संंबंध जल्द अधिकारियों से मिला जाएगा। II-विकास कुमार, निवर्तमान पार्षदI
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IIकहने को तो नाम निर्मला छावनी है, लेकिन सीवर की लाइन नहीं बिछ पाई है। कूड़े के ढेर और गंदगी मुंह चिढ़ाती रहती है। इससे वार्ड शहर की मुख्य धारा में भी नहीं जुड़ पाया है।
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Iनगर निगम हरिद्वार की ओर से इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में अपनी रैंकिंग को सुधारा गया है, लेकिन बावजूद इसके शहर की स्वच्छता की पोल निर्मला छावनी साफ खोल रही है। निर्मला छावनी में करीब 10 हजार की आबादी और चार हजार वोटर हैं। वार्ड में चार मलिन बस्ती हैं। करीब डेढ़ सौ फैक्टरियां भी हैं। जिनमें काम करने वाले श्रमिक भी यहां रहते हैं, लेकिन मोहल्लों में साफ-सफाई के इंतेजाम पर्याप्त नहीं हैं। इस वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। मवेश कूड़े के ढेरों पर दिनभर मुंह मारते रहते हैं। संक्रमण बीमारी फैलने का खतरा अलग से बना रहता है।
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Iवार्ड के देवपुरा और निर्मला छावनी को छोड़कर बाकी में सीवरेज लाइन नहीं डाली गई है। जिससे 30 प्रतिशत हिस्से को छोड़कर 70 फीसदी इलाके में सीवर लाइन नहीं होने से गंदगी भी सड़कों पर कई बार आ जाती है। इस कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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Iकूड़ का उठान नहीं हो रहा है। कूड़े के ढेर सड़कों पर जहां-जहां पड़े रहते हैं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कम से कम सफाई को लेकर तो अधिकारी गंभीर हों।
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Iविनीत धीमान, उद्यमी
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Iवार्ड में सीवरेज के कनेक्शन नहीं मिलने के कारण शहर की मुख्य धारा से यह वार्ड हटा हुआ है। लोगों को समुचित और जनसुविधाएं मुहैया कराने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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Iयोगेश कुमार, स्थानीय निवासी
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Iएक साल पहले मिल चुकी सीवर लाइन को मंजूरी
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I- वार्ड में सीवर लाइन की समस्या को देखते हुए पार्षद की ओर से दिए गए प्रस्ताव बोर्ड ने पारित कर दिया था। एक साल पहले सीवरेज लाइन डालने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी भी दे दी गई थी। जिसके लिए बजट भी आया हुआ है, लेकिन आज तक सीवर लाइन नहीं डाली गई है।
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Iसीवर लाइन डालने के लिए उनकी ओर से लगातार अधिकारियों से कहा जा रहा है, लेकिन उनका कार्यकाल भी समाप्त हो गया है, सीवर लाइन नहीं डाली गई। आजकल करके उन्हें केवल टरकाया जा रहा है। कूड़े उठान के लिए उनकी ओर से अब भी अधिकारियाें और कर्मचारियों से कहा जाता है, पर अब वह कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इस संंबंध जल्द अधिकारियों से मिला जाएगा। II-विकास कुमार, निवर्तमान पार्षदI