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सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं : राजराजेश्वराश्रम
hridwar uttrakhanda india
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:09 AM IST
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सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण राजघाट कनखल में कल्याणं करोति संस्था लखनऊ की ओर से भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम कानपुर के सहयोग से रविवार को कुष्ठ रोगियों व दिव्यांगों को उपकरण वितरित किए गए।
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समारोह को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है लेकिन सेवा करने से मनुष्य के अंदर अहम आ जाता है। इस कारण ऐसे पावन कार्य की सात्विकता खत्म हो जाती है। आज हालात तेजी से बदल रहे हैं और सेवा मिशन न होकर प्रोफेशन बनती जा रही है। देश की मालिक जनता को तो खाने को अनाज भी नहीं मिल रहा है जबकि नेता मलाई चाट रहे हैं। उन्होंने जरूरतमंदों को उपकरण बांटे जाने की सराहना की।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे गुरुमंडल आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी भगवत स्वरूप व संचालन आचार्य हरिहरानंद ने किया। कार्यक्रम में महंत सुखदेव मुनि, महंत जयेन्द्र मुनि, महंत दामोदर दास, महंत निरंजन दास, महंत प्रेमदास ने जरूरतमंदों को व्हील चेयर प्रदान की। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण भवन एलिम्को द्वारा एडिल किट, मोबाइल फोन, व्हील चेयर कुष्ठ रोगियों को प्रदान की गई।
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