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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Secretary to the property Khurd Burd Case

सचिव पर संपत्ति खुर्द बुर्द करने का केस

Fri, 05 Feb 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 05 Feb 2016 12:14 AM IST
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हरिद्वार। भेल शिवालिकनगर गृह निर्माण समिति के सचिव आफताब खान के खिलाफ आखिरकार संपत्ति खुर्द बुर्द करने का मुकदमा दर्ज हो ही गया। शिवालिक नगर में गुपचुप ढंग से फेज वन एवं सेकंड की मार्केट की एक छत गुपचुप ढंग से बेच दी गई। यही नहीं 19 दुकानों की पत्रावलियां भी गायब कर दी गई। सीओ सदर राजेश भट्ट की प्रारंभिक जांच में मामले में गड़बड़ पाए जाने  पर एसएसपी ने दो दिन पूर्व मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।

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न्यू शिवालिक नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष धर्मेद्र विश्रोई ने एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस को की गई शिकायत में बताया था कि समिति के सचिव आफताब खान को भूमि बेचने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि समिति की सभी भूमि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की है और फ्री होल्ड एवं नामांतरण करने का अधिकार केवल परिषद को ही है। आरोप है कि सचिव ने एक दुकान की छत केवल पचास हजार रुपये में दीपिका पत्नी मंगतराम निवासी रामनगर कालोनी ज्वालापुर के नाम कर दी है। गुपचुप ढंग से यह कार्रवाई की गई जबकि सचिव को दुकान आवंटन करने का अधिकार ही नहीं है। आरोप है कि 19 दुकानों की पत्रावलियां भी खुर्द बुर्द करने की साजिश के तहत गायब कर दी गई है। एसएसपी के निर्देश पर सीओ सदर राजेश भट्ट ने पूरे मामले की जांच की।
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सीओ की जांच में संपत्तियों को खुर्द बुर्द करने की बात सामने आई। सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। एसएसपी के आदेश के बाद अब कोतवाली रानीपुर पुलिस ने इस संबंध में सचिव के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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अमर उजाला ने उठाया था मुददा
हरिद्वार। समिति में हुई गड़बड़ियों को लेकर अमर उजाला ने कई समाचार लगातार प्रकाशित किए थे और सचिव का विरोध कर रहे आमजन की आवाज उठाई थी। बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज होने के बाद कई लोगों ने अमर उजाला का धन्यवाद अदा किया। पूरे मामले की अगुवाई करने वाले व्यापारी नेता सुनील शर्मा डिंपी एवं धर्मेद्र विश्रोई ने कहा कि उनकी आवाज को अमर उजाला ने उठाया। तभी सिस्टम ने उनकी बात सुनी।
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जांच ढंग से हुई तो नपेंगे बड़े बड़े
हरिद्वार। पुलिस ने यदि जांच सही ढंग से की तो इस केस में कई चेहरे बेनकाब होंगे। दअरसल, सरकार ने समिति को 285 एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को सौंपी थी। उस भूमि में शिवालिक नगर, कई मार्केट एवं कई मकान आते है। देखरेख के लिए भेल, प्रशासन ने मिलकर एक कमेटी बनाई थी जिसका नाम भेल गृह निर्माण समिति है। समिति का कार्य परिषद की संपत्तियों की देखरेख करना है। न ही उन्हें बेचना। अब संपत्तियां किसी शह और मिलीभगत से बेची गई इसका खुलासा होना है। पुलिस की जांच में यदि दूध का दूध और पानी का पानी हुआ तो भेल के कई वरिष्ठ अफसर एवं कई प्रशासनिक अफसर भी नप सकते है।

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महज 36 लाख में बेचा बना बनाया घर
हरिद्वार।  क्या शिवालिक नगर में महज 36 लाख में लगभग साढ़े सत्रह सौ फुट जमीन बना बनाया घर मिल सकता है। वो भी तब जब घर शिवालिक नगर बहादराबाद मुख्य मार्ग पर हो। सचिव ने कुछ समय पूर्व ही एस-45 को महज 36 लाख में बेचा है। इस मकान को पूर्व में भी एक बार भेजा था पर हो हल्ला होने पर बैनामा फिर से सचिव को अपने नाम कराना पड़ा था। पर, अब किसी के विरोध न करने पर फिर से उस मकान को 36 लाख में बेच डाला। सचिव ने एक रिटायर्ड भेलकर्मी के नाम बैनामा किया। अब उसे भेलकर्मी ने एक सुनार के बेटे के नाम बैनामा कर डाला है। चर्चा यह है कि सुनार ने ही रिटायर्ड भेलकर्मी को आगे कर पहले बैनामा उसके नाम कराया था। जब विरोध नहीं हुआ तब अपने बेटे के नाम बैनामा करा लिया।

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