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बैठक में नहीं पहुंचे एसडीएम, आयोग उपाध्यक्ष खफा
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- फोटो : HARIDWAR
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब की समीक्षा बैठक में जिले के एसडीएम नहीं पहुंचे। इससे नाराज मजहर नईम ने सभी एसडीएम को नोटिस जारी कर 21 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण तलब कर लिया।
मंगलवार को अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षा की। विकास भवन में आयोजित बैठक में चारों तहसीलों से कोई भी एसडीएम नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। योजनाओं की समीक्षा करने ही वो हरिद्वार पहुंचे, लेकिन उपजिलाधिकारियों ने समीक्षा बैठक में आना तक उचित नहीं समझा। मजहर नईम ने कहा, अधिकारियों की इस लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से करेंगे।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक से संबंधित जनपद में नौ योजनाएं 2012 से लंबित हैं। इनमें स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, ओवरहेड टैंक आदि हैं। जमीन न मिलने और अन्य विवादों के कारण आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अल्पसंख्यक महिलाओं को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री हुनर योजना महिलाओं को तेजी के साथ स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रही है। जनपद हरिद्वार की भी 837 महिलाएं अभी तक रोजगार पा चुकी हैं। मदरसों में उर्दू के साथ ही गणित, अंग्रेजी, कंप्यूटर आदि विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इसके लिए संविदा पर शिक्षकों की नियुक्त करने का कार्य निरंतर जारी है। इस मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के सचिव जेएस रावत, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी डॉ. योगेश कुमार भारद्वाज, जिला पंचायत राज अधिकारी आरसी त्रिपाठी, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षा की। विकास भवन में आयोजित बैठक में चारों तहसीलों से कोई भी एसडीएम नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। योजनाओं की समीक्षा करने ही वो हरिद्वार पहुंचे, लेकिन उपजिलाधिकारियों ने समीक्षा बैठक में आना तक उचित नहीं समझा। मजहर नईम ने कहा, अधिकारियों की इस लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से करेंगे।
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उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक से संबंधित जनपद में नौ योजनाएं 2012 से लंबित हैं। इनमें स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, ओवरहेड टैंक आदि हैं। जमीन न मिलने और अन्य विवादों के कारण आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अल्पसंख्यक महिलाओं को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री हुनर योजना महिलाओं को तेजी के साथ स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रही है। जनपद हरिद्वार की भी 837 महिलाएं अभी तक रोजगार पा चुकी हैं। मदरसों में उर्दू के साथ ही गणित, अंग्रेजी, कंप्यूटर आदि विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इसके लिए संविदा पर शिक्षकों की नियुक्त करने का कार्य निरंतर जारी है। इस मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के सचिव जेएस रावत, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी डॉ. योगेश कुमार भारद्वाज, जिला पंचायत राज अधिकारी आरसी त्रिपाठी, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम आदि मौजूद रहे।
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