संत शिरोमणी रविदास की 645वीं जयंती के उपलक्ष्य में जगजीतपुर स्थित बस्ती में हवन पूजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित हुए श्रद्धालु भक्तों से संत रविदास के दिखाए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान करते हुए अजय दास ने कहा कि संत रविदास अपने समय के सबसे महान संत हुए हैं। इसीलिए उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि से नवाजा गया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सभी धर्म और जाति के लोगों को प्रेम का पाठ पढ़ाया। समाज को ईश्वर की साधना का मार्ग बताया। सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जन्मोत्सव को पर्व के रूप में मनाते हुए उनकी शिक्षाओं को अपने आचरण व्यवहार में धारण करना चाहिए। आनंद कुमार ने कहा कि समाज को सत्य मार्ग पर चलने का संदेश देने वाले संत शिरोमणि रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर मनजीत, अंकित, नितिन, फुल कुमार, टिंकू, रवि कुमार, रामपाल सिंह, जयपाल सिंह, महेंद्र, पंकज, विनोद, राज करण, संगीत, अमित, फूलसिंह, सुदेश देवी, छोटी देवी आदि उपस्थित रहे।