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126 बेड का स्वामी विवेकानन्द छात्रावास का लोकार्पण
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद छात्रावास का बुधवार को लोकार्पण हो गया। सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और संस्कृत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने ऑनलाइन लोकार्पण किया। छात्रावास 126 बेड का बना है।
लोकार्पण के मौके पर सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि संस्कृत शिक्षा के अध्ययन के आने वाले छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा संस्कृत भाषा के प्रति उनका लगाव बाल्यकाल से ही रहा है। पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने वाली संस्कृत भाषा के लिए नई शिक्षा नीति में अनेक प्रावधान किए गए हैं। नई शिक्षा नीति भारत के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली है।
संस्कृत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षा के संवर्धन एवं प्रगति के लिए कटिबद्ध है। प्रदेशभर में संस्कृत के आवासीय विद्यालय खोलने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा संस्कृत पूरी तरह से वैज्ञानिक भाषा है। दुनिया का ज्ञान विज्ञान संस्कृत में ही समाहित है।
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विधायक आदेश चौहान और संस्कृत शिक्षा सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि सरकार संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रयत्नशील है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि छात्रों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वामी विवेकानंद छात्रावास का निर्माण तेजी से किया गया। दूर दराज से आने वाले छात्रों को आवास एवं भोजन की समस्या नहीं होगी। कार्यक्रम का संचालन डीन अकादमिक डॉ. शैलेश कुमार तिवारी ने किया। इससे पूर्व वैदिक विधि विधान से लोकार्पण समारोह का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने मंगलाचरण से किया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राजेश नैथानी, योगेश विद्यार्थी, अरुण राही, प्रो. मोहन बलोदी, प्रो. दिनेश चमोला, डॉ. प्रेम चंद शास्त्री मौजूद रहे।
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लोकार्पण के मौके पर सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि संस्कृत शिक्षा के अध्ययन के आने वाले छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा संस्कृत भाषा के प्रति उनका लगाव बाल्यकाल से ही रहा है। पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने वाली संस्कृत भाषा के लिए नई शिक्षा नीति में अनेक प्रावधान किए गए हैं। नई शिक्षा नीति भारत के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली है।
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संस्कृत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षा के संवर्धन एवं प्रगति के लिए कटिबद्ध है। प्रदेशभर में संस्कृत के आवासीय विद्यालय खोलने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा संस्कृत पूरी तरह से वैज्ञानिक भाषा है। दुनिया का ज्ञान विज्ञान संस्कृत में ही समाहित है।
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विधायक आदेश चौहान और संस्कृत शिक्षा सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि सरकार संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रयत्नशील है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि छात्रों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वामी विवेकानंद छात्रावास का निर्माण तेजी से किया गया। दूर दराज से आने वाले छात्रों को आवास एवं भोजन की समस्या नहीं होगी। कार्यक्रम का संचालन डीन अकादमिक डॉ. शैलेश कुमार तिवारी ने किया। इससे पूर्व वैदिक विधि विधान से लोकार्पण समारोह का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने मंगलाचरण से किया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जमदग्नि, हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राजेश नैथानी, योगेश विद्यार्थी, अरुण राही, प्रो. मोहन बलोदी, प्रो. दिनेश चमोला, डॉ. प्रेम चंद शास्त्री मौजूद रहे।