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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Robbery armed miscreants entered the ashram

हथियारबंद बदमाशों ने आश्रम में डाला डाका

Fri, 07 Oct 2016 12:34 AM IST
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:34 AM IST
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गंगनहर पटरी पर स्थित गांव दौलतपुर में शिव गुरु धाम आश्रम में बुधवार देर रात हथियारबंद बदमाशों ने डाका डाला और एक संत से 20 हजार रुपये, देसी घी एवं दो मोबाइल फोन लूट लिए, जबकि दूसरे के दरवाजा न खोलने पर दो राउंड फायर किए। सूचना पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और कई राउंड फायर किए। बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। सुबह तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को बदमाशों का सुराग लगा पाने में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई।

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बहादराबाद-धनौरी मार्ग पर स्थित गांव दौलतपुर के बाहर स्थित आश्रम में रात करीब साढ़े तीन बजे आश्रम की दीवार तोड़कर अंदर घुसे डकैतों ने सो रहे संत सेवानंद उर्फ श्रवण पुरी पर काबू पा लिया। उन्होंने संत के पास रखे बीस हजार रुपये और देसी घी के डिब्बे और दो मोबाइल फोन लूट लिए। फिर वे श्रवणपुरी को लेकर पहली मंजिल पर सो रहे मुख्य महंत परमानंद उर्फ प्रेमानंद के कमरे का दरवाजा खुलवाने पहुंचे। उन्होंने श्रवणपुरी के पेट में दर्द होने की बात कहकर आवाज लगाई। महंत ने जब खिड़की से झांका तो होश उड़ गए। बाहर श्रवणपुरी के इर्द गिर्द कई नकाबपोश खड़े थे। समझदारी का परिचय देते हुए महंत प्रेमानंद ने दरवाजा तो नहीं खोला बल्कि रुड़की में एक परिचित को फोन से सूचना दे दी। दरवाजा न खुलता देख बदमाशों ने दो राउंड फायर किए।
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इधर, परिचित ने पुलिस के अलावा गांव में भी खबर कर दी। देखते ही देखते गांव वाले भी एकत्र होकर आश्रम की तरफ दौड़ पड़े। गांव में हलचल होती देख बदमाश उल्टे पांव दौड़े। ग्रामीणों ने कई राउंड फायर किए, लेकिन बदमाश भाग निकलने में कामयाब रहे। सूचना मिलने पर पुलिस के आला अफसर घटनास्थल पर पहुंचे। संतों ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या आठ से दस रही होगी। वे सभी मुंह ढके हुए थे।  नगर पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने बताया कि वारदात की गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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मूर्ति का कर रहे थे जिक्र
हरिद्वार। आश्रम में डाका डालने वाले सोने की मूर्ति का जिक्र कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने श्रवणपुरी पर काबू पाया तब वे उससे बार बार सोने की मूर्ति का जिक्र करने लगे, लेकिन उन्होंने मंदिर में सोने की मूर्ति होने से इनकार किया।


एक बुजुर्ग डकैत था लीडर
डकैतों में एक उम्रदराज शामिल था। वह उन्हें बार-बार निर्देश दे रहा था। करीब आधे घंटे तक बदमाश आश्रम में ही मौजूद रहे। पुलिस पूछताछ में प्रेमानंद और श्रवण पुरी ने बताया कि एक को छोड़कर सभी युवा दिख रहे थे।

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