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बिना टीका लगाए लौटे जच्चा-बच्चा
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:44 PM IST
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बच्चों को नहीं लगे टीके
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर जिले भर की एएनएम की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार टीकाकरण का दिन होने के कारण सरकारी अस्पतालों और एएनएम सेंटर पर पहुंचे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ा। सरकारी अस्पतालों और एएनएम सेंटरों पर बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भटकती रही।
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उत्तराखंड मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर एएनएम मंगलवार से हड़ताल पर हैं। मंगलवार को टीकाकरण का दिन नहीं होने के कारण ज्यादा दिक्कतें नहीं हुई, लेकिन बुधवार को बच्चे और महिलाएं परेशान रही। जिले की 145 एएनएम हड़ताल पर रहीं। जबकि जनपद में करीब सात हजार टीकाकरण महीने के प्रथम बुधवार को होते हैं। एएनएम की हड़ताल होने के कारण टीकाकरण नहीं हो सका। जबकि सभी केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए परिजन सुबह ही पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें बिना टीका लगवाए ही लौटना पड़ा। गर्भवतियों को भी बिना टीका लगवाए लौटना पड़ा। एएनएम ने महिला अस्पताल और ब्लाक मुख्यालयों पर अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया।
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महिला अस्पताल में चले धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पुष्पा सैनी ने कहा कि वे पूर्व में अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर चेतावनी दे चुकीं थी, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिला मंत्री निमिषा शर्मा ने कहा कि पिछली बार एक से तीन अगस्त तक कार्य बहिष्कार चला था। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने 20 अगस्त तक शासनादेश जारी करने के निर्देश जारी कर दिए थे, लेकिन इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वेतन विसंगति दूर नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर पूजा तिवारी, प्रेमलता यादव, शिया सैनी, मधु, किरण सैनी, रुचि शाह, पूजा चौहान, सुनीता अग्रवाल, चौधरी शैली, पूजा गुप्ता, संगीता सहगल, प्रीति गोला, रेखा भारती, प्रिया चौहान, शशी वर्मा, सुदेश आदि शामिल हुए।
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ये हैं मांगे
ग्रेड पे 2800 को बढ़ाकर 4200 करने, विभागीय ढांचा तैयार कर कैबिनेट की बैठक में मंजूर किया जाए। मार्च में महिला स्वास्थ्य कर्मियों के 440 पदों की भर्ती की विज्ञप्ति जारी की गई थी, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। इस भर्ती को पूरा किया जाए। सन 2010 में महिला स्वास्थ्य कर्मियों पर दर्ज हुए मुकदमे को वापस लिया जाए। एक ही पद पर कार्य करने वालों का ग्रेड वेतन 2800 से घटाकर 2000 ग्रेड वेतन कर दिया गया है, इसे संशोधित करते हुए 2800 ग्रेड वेतन कर दिया जाए। यू हेल्थ कार्ड सभी महिला स्वास्थ्य कर्मियों पर लागू किया जाए।