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रामशरण ने लगाया नेत्रदान का शतक
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:08 AM IST
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हरिद्वार। इंसान अगर ठान ले तो बड़ा काम भी छोटा हो जाता है। यही किया है हरिद्वार के नेत्रदान कार्यकर्ता रामशरण चावला ने। उनकी टीम ने शनिवार को सौवां जोड़ा नेत्र प्राप्त कर दो नेत्रहीनों को जीवन प्रदान कर दिया गया।
रामशरण चावला ने करीब 20 वर्ष पूर्व जो संकल्प लिया था, वह आज पूरा हुआ। 20 वर्षों में सौ जोड़े नेत्र हासिल करना कितना मुश्किल था, यह रामशरण ही बता सकते हैं। घर-घर घूमकर लोगों को प्रेरणा देने के बावजूद लोग अपने मृतकों के नेत्र दान करने को तैयार नहीं होते, लेकिन रामशरण ने हिम्मत नहीं हारी और शनिवार को साईं कॉलोनी ऋषिकेश निवासी मुन्नी देवी के नेत्र प्राप्त कर जौलीग्रांट आईबैंक पहुंचाए। दोनों नेत्र साथ-साथ दो नेत्रहीनों की आंखों में रोपित कर दिए गए।
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रामशरण अपने साथी अशोक कालरा के साथ मिलकर हरिद्वार-ऋषिकेश चैप्टर में यह अभियान चला रहे हैं। आरंभ में उन्हें एक वर्ष में एक जोड़ा नेत्र भी नहीं मिला करता था। घर-घर जाकर एक और साथी गोपाल नारंग के साथ उन्होंने प्रचार किया और आखिर कुछ वर्ष पूर्व सफलता मिलनी शुरू हो गई। रामशरण ने बताया कि इंटरनेशनल लायंस क्लब हरिद्वार शीघ्र ही नेत्रदाता परिवार सम्मान समारोह आयोजित कर उन परिवारों को सम्मानित करेगा, जिन्होंने इस अरसे के दौरान नेत्रदान कराया है। रामशरण ने बताया कि ईश्वर ने यदि जीवन दिया तो उनका अगला लक्ष्य 200 जोड़ा नेत्र प्राप्त करने का होगा। उन्हें खुशी है कि उनके प्रयास से सौ जोड़ा नेत्र मिले और 200 परिवारों में खुशहाली आ गई।
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