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बिना अनुमति के जमीन पट्टे पर देने की तैयारी
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उत्तर प्रदेश की जमीन को बिना राज्य सरकार की अनुमति के अस्थायी दुकानों के लिए पट्टे पर देने की तैयारी की जा रही है। इसकी भनक लगने पर मुख्यमंत्री को शिकायत कर रोक लगाने की मांग की गई।
हजारी बाग कनखल निवासी धर्मवीर सैनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर बताया कि बहादराबाद कस्बा में खेड़ली मार्ग पर सिंचाई विभाग की 15 हजार वर्ग मीटर जमीन है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारी जमीन को अस्थायी दुकान के लिए पट्टे पर गुपचुप तरीके से देने की तैयारी कर रहे हैं।
अधिकारियों से अधीनस्थों से पट्टे पर जमीन को देने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं, जबकि कोर्ट के आदेशानुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संपत्ति के अंतिम बंटवारे तक यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा कुछ करना भी है तो उत्तराखंड सरकार की अनुमति पहले जरूरी है, लेकिन अधिकारी मनमर्जी करने पर लगे हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों की इस तैयारी पर रोक लगाने की मांग की है।
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अस्थायी दुकानों के लिए पट्टे पर जमीन देने का अधिकार मुझे नहीं है। जो रिपोर्ट उनके पास आएगी उसे उत्तर प्रदेश सरकार को भेज देंगे। उसके बाद सरकार तय करेगी कि क्या करना है।
- नलिन वर्धन, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश
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हजारी बाग कनखल निवासी धर्मवीर सैनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर बताया कि बहादराबाद कस्बा में खेड़ली मार्ग पर सिंचाई विभाग की 15 हजार वर्ग मीटर जमीन है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारी जमीन को अस्थायी दुकान के लिए पट्टे पर गुपचुप तरीके से देने की तैयारी कर रहे हैं।
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अधिकारियों से अधीनस्थों से पट्टे पर जमीन को देने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं, जबकि कोर्ट के आदेशानुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संपत्ति के अंतिम बंटवारे तक यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा कुछ करना भी है तो उत्तराखंड सरकार की अनुमति पहले जरूरी है, लेकिन अधिकारी मनमर्जी करने पर लगे हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों की इस तैयारी पर रोक लगाने की मांग की है।
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अस्थायी दुकानों के लिए पट्टे पर जमीन देने का अधिकार मुझे नहीं है। जो रिपोर्ट उनके पास आएगी उसे उत्तर प्रदेश सरकार को भेज देंगे। उसके बाद सरकार तय करेगी कि क्या करना है।
- नलिन वर्धन, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश