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आनलाइन प्रक्रिया में फंसे लोग, नहीं मिल रहा राशन

Fri, 06 Sep 2019 11:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 11:45 PM IST
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People trapped in online process, not getting ration
जिला आपूर्ति विभाग की लापरवाही से राशन कार्ड में नाम दर्ज होने पर भी 4,63,513 लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इन लोगों में करीब डेढ लाख को सस्ता गेहूं चावल नहीं मिल रहा है तो करीब चार लाख को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि लोगों के राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं है।
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बता दे कि राशन कार्डों को आधार से लिंक कराने का काम चार साल से चल रहा है। पहले राशन कार्ड के मुखिया के नाम को आधार से लिंक कराया, लेकिन बाद में केंद्र सरकार की योजना बनी कि राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड लिंक होना चाहिए, तभी उन्हें राशन की दुकान से सस्ता खाद्यान्न मिल सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने राशन डीलरों को बायोमैट्रिक मशीन, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट चलाने के लिए डिवाइस आदि उपकरण भी उपलब्ध कराए। राशन कार्ड धारकों का आधार कार्ड लिंक कराने का काम दो साल में पूरा कर लिया था। अब जब आयुष्मान योजना आई तो बहुत से लोगों के राशन कार्ड में आधार लिंक न होने से उन्हों योजना का कार्ड नहीं बन सका। अब ऐसे लोगों से आधार लिंक करने के लिए 10 रुपये प्रति कार्ड शुल्क लिया जा रहा है।
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हर महीने हो रहा चालव, गेहूं का नुकसान
जिले में 3,98,399 राशन कार्ड धारक हैं। इन राशन कार्डों पर 18,01,442 यूनिट पंजीकृत हैं। इनमें से 13,37,929 यूनिट के आधार कार्ड विभाग में पंजीकृत है। जबकि 4,63,513 ऐसी यूनिट हैं जिनके आधार कार्ड पंजीकृत नहीं हैं। राशन कार्ड में शामिल यूनिट का वेबसाइट में आधार कार्ड पंजीकरण न होने से उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। ऐसे में इन लोगों को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं एवं 03 किलो चावल का नुकसान प्रति महीने हो रहा है।
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देने के बाद रिचार्ज नहीं कराई डिवाइस
राशन की दुकानों को बायोमैट्रिक सिस्टम से राशन देने के लिए आनलाइन रहने के लिए जो इंटरनेट की डिवाइस दी गई, उसे देने के बाद से एक बार भी रिचार्ज नहीं किया गया है। ऐसे में उनके सिम भी बेकार हो गए है। डीलर स्वयं के खर्चे से इंटरनेट चलाकर जैसे तैसे कर आनलाइन खाद्यान का ब्यौरा दे रहे हैं।

विभाग में नाम संशोधित करने, नाम बदलवानेे और छूटे कार्ड भी पंजीकृत कर आनलाइन किए जा रहे हैं। जिनके आधार कार्ड राशन कार्ड में पंजीकृत नहीं है, ऐसे लोगों को राशन देना पिछले साल बंद कर दिया था।
-डीके अग्रवाल, जिला आपूर्ति अधिकारी
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