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मोहर्रम: ताजिये बनाने में जुटे मुस्लिम समाज के लोग
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मोहर्रम का महीना शुरू होते ही नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों के शहादत की याद में निकलने वाले ताजियों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ज्वालापुर के कई इलाकों में मुस्लिम समाज के लोग ताजियों को भव्य रूप देने में जुट गए हैं।
ज्वालापुर के मैदानियान, घोसियान, अहबाबनगर, मंडी का कुंआ, कोटरावान, लोधामंडी के साथ ही पथरी के धनपुरा, घिस्सूपुरा और गढ़मीरपुर, सलेमपुर आदि में ताजिये बनाए जा रहे हैं। कादरी ताजिया कमेटी के सदर इकराम अंसारी, हाजी गुलजार, रिजवान अंसारी, इरफान, शहराज लाइट वाले, प्रवेज खान ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने में मोहर्रम की दस तारीख को नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ इराक के कर्बला के मैदान में हक और इंसानियत की खातिर जालिम बादशाह यजीद से लड़ते हुए शहीद हुए थे। तब से उनकी याद में हर साल ताजिये निकाले जाते हैं।
उन्होंने बताया कि ताजिये बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अनवर खान, वासिफ, इसरार खान, युसूफ, मुंसिफ, आमिर ताजिये को विशेष रूप से लाइटों व अन्य वस्तुओं से भव्य रूप दे रहे हैं। ताजिये में 40 से 50 हजार का खर्च आया है। करीब 15 क्विंटल वजन का ताजिया बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आठ अगस्त को ताजियों को बाहर लाया जाएगा। जबकि नौ अगस्त की रात सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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ज्वालापुर के मैदानियान, घोसियान, अहबाबनगर, मंडी का कुंआ, कोटरावान, लोधामंडी के साथ ही पथरी के धनपुरा, घिस्सूपुरा और गढ़मीरपुर, सलेमपुर आदि में ताजिये बनाए जा रहे हैं। कादरी ताजिया कमेटी के सदर इकराम अंसारी, हाजी गुलजार, रिजवान अंसारी, इरफान, शहराज लाइट वाले, प्रवेज खान ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने में मोहर्रम की दस तारीख को नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ इराक के कर्बला के मैदान में हक और इंसानियत की खातिर जालिम बादशाह यजीद से लड़ते हुए शहीद हुए थे। तब से उनकी याद में हर साल ताजिये निकाले जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि ताजिये बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अनवर खान, वासिफ, इसरार खान, युसूफ, मुंसिफ, आमिर ताजिये को विशेष रूप से लाइटों व अन्य वस्तुओं से भव्य रूप दे रहे हैं। ताजिये में 40 से 50 हजार का खर्च आया है। करीब 15 क्विंटल वजन का ताजिया बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आठ अगस्त को ताजियों को बाहर लाया जाएगा। जबकि नौ अगस्त की रात सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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