{"_id":"60fc609c8ebc3e585446b043","slug":"park-plants-will-not-dry-in-summer-haridwar-news-drn3854541103","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मियों में नहीं सूखेंगे पार्कों के पेड़-पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मियों में नहीं सूखेंगे पार्कों के पेड़-पौधे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के पार्कों में लगाए गए पेड़-पौधे पानी के अभाव में नहीं सूखेंगे। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) पार्कों के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग योजना लागू करने जा है। इसमें पार्कों में माइक्रो सोक पिट बनाए जाएंगे। गर्मियों में इन्हीं से पेड़ एवं पौधों को पानी मिलेगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एचआरडीए की हरि लोक कालोनी में पहला पिट बनाया जाएगा।
हरिद्वार गंगा तट पर बसा है। बावजूद इसके हर साल आधे मीटर भूमिगत जलस्तर गिर रहा है। गर्मियों में पानी का संकट झेलना पड़ता है। बोरिंग की गहराई बढ़ाकर समाधान निकाला जाता है। लेकिन यह स्थायी हल नहीं है। पानी का संकट होने से पार्कों के पेड़ पौधे सूखने लगते हैं। एसआरडीए ने पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए स्थायी समाधान की योजना तैयार की है। सचिव डॉ. ललित नारायण मिश्रा के मुताबिक शहर के प्रमुख पार्कों के सौंदर्यीकरण में रेन वाटर सोक पिट बनाए जाएंगे। सोक पिट पर बारिश का पानी एकत्र होगा। इसी पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों के लिए हो सकेगा। रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए कम लागत के पार्कों में ही माइक्रो सोक पिट बनाए जाएंगे। एचआरडीए की उद्यान इकाई इसी माह से इसकी शुरुआत करेगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हरि लोक कालोनी के पार्क में सोक पिट तैयार किया जाएगा।
-----------------
50 पौधे और 100 बीज बम सौंपे
हरिद्वार। नई उड़ान फाउंडेशन ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की महत्वाकांक्षी योजना ऑक्सीजन लेन और आयुरप्लांटेशन मिशन को समर्थन देते हुए एचआरडीए सचिव डॉ. ललित नारायण मिश्रा को 50 पौधे और 100 बीज बम सौंपे। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष विनिता गोनियाल ने कहा कि बरसात में हर किसी को एक न एक पौधा लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था उत्तरी हरिद्वार पावन धाम के आसपास क्षेत्र में एचआरडीए के साथ मिलकर पीपल के पौधे लगाएगी। संरक्षक मोनिका अरोरा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का महत्व सबको समझ आया है। इस दौरान संदीप खन्ना, प्रीति गुप्ता, कुणाल गोनियाल, प्रियदर्शिनी सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार गंगा तट पर बसा है। बावजूद इसके हर साल आधे मीटर भूमिगत जलस्तर गिर रहा है। गर्मियों में पानी का संकट झेलना पड़ता है। बोरिंग की गहराई बढ़ाकर समाधान निकाला जाता है। लेकिन यह स्थायी हल नहीं है। पानी का संकट होने से पार्कों के पेड़ पौधे सूखने लगते हैं। एसआरडीए ने पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए स्थायी समाधान की योजना तैयार की है। सचिव डॉ. ललित नारायण मिश्रा के मुताबिक शहर के प्रमुख पार्कों के सौंदर्यीकरण में रेन वाटर सोक पिट बनाए जाएंगे। सोक पिट पर बारिश का पानी एकत्र होगा। इसी पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों के लिए हो सकेगा। रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए कम लागत के पार्कों में ही माइक्रो सोक पिट बनाए जाएंगे। एचआरडीए की उद्यान इकाई इसी माह से इसकी शुरुआत करेगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हरि लोक कालोनी के पार्क में सोक पिट तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
-----------------
50 पौधे और 100 बीज बम सौंपे
हरिद्वार। नई उड़ान फाउंडेशन ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की महत्वाकांक्षी योजना ऑक्सीजन लेन और आयुरप्लांटेशन मिशन को समर्थन देते हुए एचआरडीए सचिव डॉ. ललित नारायण मिश्रा को 50 पौधे और 100 बीज बम सौंपे। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष विनिता गोनियाल ने कहा कि बरसात में हर किसी को एक न एक पौधा लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था उत्तरी हरिद्वार पावन धाम के आसपास क्षेत्र में एचआरडीए के साथ मिलकर पीपल के पौधे लगाएगी। संरक्षक मोनिका अरोरा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का महत्व सबको समझ आया है। इस दौरान संदीप खन्ना, प्रीति गुप्ता, कुणाल गोनियाल, प्रियदर्शिनी सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन