{"_id":"5f15dc788ebc3e63af6cb32e","slug":"parents-get-angry-after-taking-money-in-the-name-of-admission-haridwar-news-drn350640359","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडमिशन के नाम पर रुपये लेने पर भड़के अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडमिशन के नाम पर रुपये लेने पर भड़के अभिभावक
विज्ञापन
बहादराबाद के एक निजी स्कूल में तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड पर एडमिशन के नाम पर कई छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से हजारों रुपये ठग लिए। यहीं नहीं सिक्योरिटी गार्ड पर 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा हड़पने का आरोप है।
सोमवार को अभिभावकों ने बहादराबाद बाजार चौकी पहुंचकर हंगामा काटा। अभिभावकों ने पुलिस से सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत की। पुलिस के मुताबिक सिक्योरिटी गार्ड मूल रूप से नजीबाबाद का रहने वाला है और घटना के बाद वह यहां से भाग गया है। इसपर सिक्योरिटी सुपरवाइजर को थाने बुलाया गया है। शिकायतकर्ता अभिभावकों का आरोप है बीते माह के अंत में अभिभावक अपने बेटे का 11 वीं कक्षा में एडमिशन कराने गए थे। मुख्य द्वार पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने कोरोना का हवाला देकर अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद स्कूल में स्टाफ से फोन पर बात करने के बाद साढ़े 22 हजार रुपये अलग अलग समय पर जमा करा लिए थे। जब कुछ दिन बाद स्कूल पहुंचे तो बच्चे का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। उधर कुछ युवाओं ने सिक्योरिटी गार्ड पर आरोप लगाया कि उसने अलग-अलग जनपदों के 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर सात-आठ सौ रुपये लिए। इसके बाद कुछ दिन तक काम लिया और उन्हें हटा दिया। सभी युवक स्कूल के बाहर पहुंचे तो मामला खुल गया। उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी के सुपरवाइजर और अभिभावकों, युवाओं की वार्ता चल रही है।
विज्ञापन
सोमवार को अभिभावकों ने बहादराबाद बाजार चौकी पहुंचकर हंगामा काटा। अभिभावकों ने पुलिस से सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत की। पुलिस के मुताबिक सिक्योरिटी गार्ड मूल रूप से नजीबाबाद का रहने वाला है और घटना के बाद वह यहां से भाग गया है। इसपर सिक्योरिटी सुपरवाइजर को थाने बुलाया गया है। शिकायतकर्ता अभिभावकों का आरोप है बीते माह के अंत में अभिभावक अपने बेटे का 11 वीं कक्षा में एडमिशन कराने गए थे। मुख्य द्वार पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने कोरोना का हवाला देकर अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद स्कूल में स्टाफ से फोन पर बात करने के बाद साढ़े 22 हजार रुपये अलग अलग समय पर जमा करा लिए थे। जब कुछ दिन बाद स्कूल पहुंचे तो बच्चे का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। उधर कुछ युवाओं ने सिक्योरिटी गार्ड पर आरोप लगाया कि उसने अलग-अलग जनपदों के 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर सात-आठ सौ रुपये लिए। इसके बाद कुछ दिन तक काम लिया और उन्हें हटा दिया। सभी युवक स्कूल के बाहर पहुंचे तो मामला खुल गया। उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी के सुपरवाइजर और अभिभावकों, युवाओं की वार्ता चल रही है।
विज्ञापन