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बच्चों को भर्ती करने से पहले ऑनलाइन परामर्श जरूरी
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कोविड संक्रमण बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ऐसे में अभिभावकों के लिए अपने बच्चों को संक्रमण से बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए इंडियन एकेडमी पीडियाट्रिक्स ने गाइडलाइन भी जारी कर दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि आंकड़ों के अनुसार बच्चों में संक्रमण का खतरनाक असर कम देखने को मिल रहा है। संक्रमित हुए बच्चों में से केवल दो फीसदी को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है अगर बच्चा संक्रमित है और उसकी हालत सामान्य है तो उसको जल्दबाजी में अस्पताल लेकर न जाएं। पहले डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श लें। वहीं बुजुर्गों और बच्चों को संक्रमित बच्चे से दूर रखें। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत बताते हैं कि अगर बच्चा कोविड पॉजिटिव हो जाता है तो अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चे की हालत सामान्य है तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाने से बचे। उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श लें। डॉक्टर की सलाह का पूरी तरह से पालन करें।
भूलकर भी न दें बड़ों की दवा
कोविड संक्रमितों के लिए आइवरमैक्टीन, अजीथ्रोमाइसिन, डाक्सीसाइक्लीन जैसी दवाएं दी जाती है। ये दवाएं वयस्कों को दी जाती है। बिना डॉक्टर के परामर्श के ये दवा बच्चों को न दें।
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कब पड़ेेगी अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत ने कहा कि जब चार-पांच दिन तक तेज बुखार न उतरे। बच्चे का खाना पीना बिल्कुल ही कम हो जाए। बच्चा कमजोर और सुस्त नजर आने लगे। वहीं ऑक्सीजन लेवल 95 फीसदी से कम हो जाए तो डॉक्टर से परामर्श के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराए।
बच्चों को संक्रमण से कैसे बचाएं
बच्चों को मास्क पहनाए, हाथों को सैनिटाइज कराए, ग्रुप में न खेलने दें। बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न ले जाए।
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विशेषज्ञों का कहना है अगर बच्चा संक्रमित है और उसकी हालत सामान्य है तो उसको जल्दबाजी में अस्पताल लेकर न जाएं। पहले डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श लें। वहीं बुजुर्गों और बच्चों को संक्रमित बच्चे से दूर रखें। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत बताते हैं कि अगर बच्चा कोविड पॉजिटिव हो जाता है तो अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चे की हालत सामान्य है तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाने से बचे। उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श लें। डॉक्टर की सलाह का पूरी तरह से पालन करें।
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भूलकर भी न दें बड़ों की दवा
कोविड संक्रमितों के लिए आइवरमैक्टीन, अजीथ्रोमाइसिन, डाक्सीसाइक्लीन जैसी दवाएं दी जाती है। ये दवाएं वयस्कों को दी जाती है। बिना डॉक्टर के परामर्श के ये दवा बच्चों को न दें।
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कब पड़ेेगी अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत ने कहा कि जब चार-पांच दिन तक तेज बुखार न उतरे। बच्चे का खाना पीना बिल्कुल ही कम हो जाए। बच्चा कमजोर और सुस्त नजर आने लगे। वहीं ऑक्सीजन लेवल 95 फीसदी से कम हो जाए तो डॉक्टर से परामर्श के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराए।
बच्चों को संक्रमण से कैसे बचाएं
बच्चों को मास्क पहनाए, हाथों को सैनिटाइज कराए, ग्रुप में न खेलने दें। बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न ले जाए।