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Haridwar News: मकर संक्रांति पर निर्मल अखाड़े में किया अखंड पाठ
Wed, 14 Jan 2026 06:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 14 Jan 2026 06:00 PM IST
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- अखाड़े के श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है मकर संक्रांति पर्व
मकर संक्रांति पर निर्मल अखाड़े में किया अखंड पाठ
हरिद्वार। मकर संक्रांति के अवसर पर कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में अखंड पाठ व शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को खिचड़ी और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों को संबोधित करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि भारत में मनाए जाने वाले समस्त पर्व समाज को संदेश देते हैं। मकर संक्रांति आत्मिक जागृति का पर्व है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं। सूर्य देव के उत्तरायण होने से खरमास के बाद शुभ काल शुरू होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यन्त श्रेष्ठ है। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। गंगा स्नान के बाद सूर्य आराधना और दान पुण्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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मकर संक्रांति पर निर्मल अखाड़े में किया अखंड पाठ
हरिद्वार। मकर संक्रांति के अवसर पर कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में अखंड पाठ व शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को खिचड़ी और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों को संबोधित करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि भारत में मनाए जाने वाले समस्त पर्व समाज को संदेश देते हैं। मकर संक्रांति आत्मिक जागृति का पर्व है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं। सूर्य देव के उत्तरायण होने से खरमास के बाद शुभ काल शुरू होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यन्त श्रेष्ठ है। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। गंगा स्नान के बाद सूर्य आराधना और दान पुण्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।