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हड़ताल करने वाले वन कर्मचारियों को नोटिस से हड़कंप
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डीएफओ के ट्रांसफर की मांग को लेकर करीब एक माह हड़ताल पर रहने वाले वन कर्मचारियों को मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक (वन विभाग) की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद भी नोटिस मिलने पर कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दिसंबर में शासन के आदेश पर ट्रांसफर होकर आए आईएफएस अधिकारी डीएफओ धर्म सिंह मीणा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए वन प्रभाग के कार्यालय के कर्मचारियों ने 13 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया था। तभी से उत्तराखंड फॉरेस्ट संघर्ष समिति हरिद्वार के बैनर तले डीएफओ कार्यालय के परिसर में ही कर्मचारी डीएफओ का ट्रांसफर करने की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार कर धरना दे रहे थे। 29वें दिन देहरादून में प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार के साथ प्रांतीय पदाधिकारियों की वार्ता में समझौता होने पर कर्मचारी 11 जनवरी से काम पर लौट गए थे। उस दिन से कर्मचारी लगातार वन प्रभाग कार्यालय में रहकर कार्य कर रहे हैं। अब काम पर लौटने के एक सप्ताह बाद मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक के प्रमुख मनोज चंद्रन की ओर से आंदोलन करने वाले सभी लगभग 22 कर्मचारियों को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में सभी कर्मचारियों से हड़ताल करने को लेकर जवाब तलब किया गया है। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि कर्मचारियों को सीधे मानव संसाधन विकास एवं कर्मिक विभाग से नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें सीधे विभाग को ही जवाब देना है। इसमें उनका बीच में कोई हस्तक्षेप नहीं है। उधर, संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक रहे रणवीर सिंह रावत ने बताया कि जारी किए गए नोटिसों का कर्मचारियों की ओर से उचित जवाब दिया जाएगा।
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दिसंबर में शासन के आदेश पर ट्रांसफर होकर आए आईएफएस अधिकारी डीएफओ धर्म सिंह मीणा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए वन प्रभाग के कार्यालय के कर्मचारियों ने 13 दिसंबर से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया था। तभी से उत्तराखंड फॉरेस्ट संघर्ष समिति हरिद्वार के बैनर तले डीएफओ कार्यालय के परिसर में ही कर्मचारी डीएफओ का ट्रांसफर करने की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार कर धरना दे रहे थे। 29वें दिन देहरादून में प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार के साथ प्रांतीय पदाधिकारियों की वार्ता में समझौता होने पर कर्मचारी 11 जनवरी से काम पर लौट गए थे। उस दिन से कर्मचारी लगातार वन प्रभाग कार्यालय में रहकर कार्य कर रहे हैं। अब काम पर लौटने के एक सप्ताह बाद मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक के प्रमुख मनोज चंद्रन की ओर से आंदोलन करने वाले सभी लगभग 22 कर्मचारियों को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में सभी कर्मचारियों से हड़ताल करने को लेकर जवाब तलब किया गया है। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि कर्मचारियों को सीधे मानव संसाधन विकास एवं कर्मिक विभाग से नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें सीधे विभाग को ही जवाब देना है। इसमें उनका बीच में कोई हस्तक्षेप नहीं है। उधर, संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक रहे रणवीर सिंह रावत ने बताया कि जारी किए गए नोटिसों का कर्मचारियों की ओर से उचित जवाब दिया जाएगा।
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