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Haridwar News: सीईओ के औचक छापे में दो सरकारी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र
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हरिद्वार। सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति दिखाने में अध्यापकों की ओर से जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। स्थिति ये है कि सीईओ (मुख्य शिक्षा अधिकारी) केके गुप्ता के औचक छापे में जहां दो स्कूलों में एक भी छात्र नहीं मिला तो दूसरे एक स्कूल में फर्जी हाजिरी लगी पाई गई। सीईओ ने दोनों मामलों में उप शिक्षा अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। जिससे सीईओ बोर्ड परीक्षाओं का जायजा लेने के लिए केंद्रों में जाते हैं, लेकिन, इस दौरान उनकी ओर से रास्ते में पड़ने वाले सरकारी स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें जब वह धनपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में दोपहर एक बजे पहुंचे तो दोनों स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं मिला। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी नहीं मिले। जिससे सीईओ ने उप शिक्षा अधिकारी ब्रजपाल सिंह राठौर क संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
रावली महदूद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-02 का भी जब सीईओ ने औचक निरीक्षण किया तो उसमें भी दो सौ बच्चों की हाजिरी फर्जी पाई गई। इसको लेकर उन्हाेंने प्रधानाध्यापक से सवाल जवाब किया गया, लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई।
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उन्हाेंने मामले में उप शिक्षा अधिकारी ब्रजपाल सिंह राठौर को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सीईओ के छापे से प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की तलवार लटक चुकी है, लेकिन, इससे साफ हो रहा है कि प्रधानाध्यापकों तो जमकर लापरवाही कर ही रहे हैं, मगर, खंड स्तर के अधिकारी भी हीलाहवाली बरत रहे हैं। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सीईओ ने बताया कि इस तह के प्रकरण पाए जाना गंभीर विषय है। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि, शैक्षणिक व्यवस्था पटरी पर आ सके।
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इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। जिससे सीईओ बोर्ड परीक्षाओं का जायजा लेने के लिए केंद्रों में जाते हैं, लेकिन, इस दौरान उनकी ओर से रास्ते में पड़ने वाले सरकारी स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें जब वह धनपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में दोपहर एक बजे पहुंचे तो दोनों स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं मिला। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी नहीं मिले। जिससे सीईओ ने उप शिक्षा अधिकारी ब्रजपाल सिंह राठौर क संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
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रावली महदूद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-02 का भी जब सीईओ ने औचक निरीक्षण किया तो उसमें भी दो सौ बच्चों की हाजिरी फर्जी पाई गई। इसको लेकर उन्हाेंने प्रधानाध्यापक से सवाल जवाब किया गया, लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई।
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उन्हाेंने मामले में उप शिक्षा अधिकारी ब्रजपाल सिंह राठौर को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सीईओ के छापे से प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की तलवार लटक चुकी है, लेकिन, इससे साफ हो रहा है कि प्रधानाध्यापकों तो जमकर लापरवाही कर ही रहे हैं, मगर, खंड स्तर के अधिकारी भी हीलाहवाली बरत रहे हैं। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सीईओ ने बताया कि इस तह के प्रकरण पाए जाना गंभीर विषय है। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि, शैक्षणिक व्यवस्था पटरी पर आ सके।