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अखाड़ा परिषद बैठक में चिन्मयानंद पर विचार नहीं
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अखाड़ा परिषद की आगामी बैठक में स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। बैठक में कुंभ से जुडे़ अनेक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को हरिद्वार में ही दिए जाएंगे। राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ मुख्य क्षेत्र का दौरा करने का भी कार्यक्रम बनाया गया है।
अखाड़ा परिषद इस बार गंगा रक्षा पर खासा जोर देगी। करीब एक दशक से अखाड़ा परिषद ने गंगा को संतों की जलसमाधि से मुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया हुआ है। इस दिशा में भू समाधि के लिए सार्थक रणनीति बनाई जाएगी, ताकि मृत संतों को जल समाधि के बजाए भू समाधि दी जा सके। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि परिषद बैठक में स्वामी चिन्मयानंद पर कोई विचार नहीं होगा। इस बारे में भ्रामक धारनाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। उन्हें अपना जवाब स्वयं देना होगा।
अखाड़ा परिषद अथवा आश्रम परिषद का इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। हरि गिरि ने कहा कि देश के सर्वोच्च या किसी अन्य अदालत के कार्य में दखल देना का कोई विचार संतों का नहीं है। बताया कि अखाड़ा परिषद की बैठक दस अक्तूबर को कनखल के बड़ा अखाड़ा उदासीन में होगी। इस बैठक में कुंभ से जुड़े मसलों पर विचार होगा। इन प्रस्तावों को अगले दिन 11 अक्तूबर को संतों के साथ बैठक करने हरिद्वार आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। साथ ही अखाड़ा परिषद मेला क्षेत्र में जाकर यह देखना चाहेगी कि अखाड़ों और आश्रमों के लिए कहा-कहा व्यवस्था की गई है।
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चिन्मयानंद को मिलने जाएंगे संत
भारत साधु समाज के प्रवक्ता ऋषिश्वरानंद का कहना है कि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती महाराज समाज के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री हैं और उन्हें कुछ लोगों ने साजिश के तहत बदनाम किया है। उन्होंने कहा कि जल्द जेल में उनसे मुलाकात करने साधुओं का एक प्रतिनिधिमंडल जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि कुछ संत अवसरवादिता के चलते हुए संगठन को अव्यवस्थित करने में लगे हुए हैं। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
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अखाड़ा परिषद इस बार गंगा रक्षा पर खासा जोर देगी। करीब एक दशक से अखाड़ा परिषद ने गंगा को संतों की जलसमाधि से मुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया हुआ है। इस दिशा में भू समाधि के लिए सार्थक रणनीति बनाई जाएगी, ताकि मृत संतों को जल समाधि के बजाए भू समाधि दी जा सके। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि परिषद बैठक में स्वामी चिन्मयानंद पर कोई विचार नहीं होगा। इस बारे में भ्रामक धारनाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। उन्हें अपना जवाब स्वयं देना होगा।
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अखाड़ा परिषद अथवा आश्रम परिषद का इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। हरि गिरि ने कहा कि देश के सर्वोच्च या किसी अन्य अदालत के कार्य में दखल देना का कोई विचार संतों का नहीं है। बताया कि अखाड़ा परिषद की बैठक दस अक्तूबर को कनखल के बड़ा अखाड़ा उदासीन में होगी। इस बैठक में कुंभ से जुड़े मसलों पर विचार होगा। इन प्रस्तावों को अगले दिन 11 अक्तूबर को संतों के साथ बैठक करने हरिद्वार आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। साथ ही अखाड़ा परिषद मेला क्षेत्र में जाकर यह देखना चाहेगी कि अखाड़ों और आश्रमों के लिए कहा-कहा व्यवस्था की गई है।
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चिन्मयानंद को मिलने जाएंगे संत
भारत साधु समाज के प्रवक्ता ऋषिश्वरानंद का कहना है कि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती महाराज समाज के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री हैं और उन्हें कुछ लोगों ने साजिश के तहत बदनाम किया है। उन्होंने कहा कि जल्द जेल में उनसे मुलाकात करने साधुओं का एक प्रतिनिधिमंडल जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि कुछ संत अवसरवादिता के चलते हुए संगठन को अव्यवस्थित करने में लगे हुए हैं। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।