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आयुर्वेद में नए अनुसंधान की जरूत: जोशी
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राजकमल साइंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज बहादराबाद में अंतर राष्ट्रीय कांफ्रेंस में आयुर्वेद और अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कांफ्रेंस में विदेशी प्रवक्ताओं ने भी विचार रखे।
शनिवार को आयोजित कांफ्रेंस में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने का कि आज के समय में आयुर्वेद और उस में होने वाले नवीन अनुसंधानों की आवश्यकता है। प्रो. महावीर अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक और शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रो. ईश्वर भारद्वाज ने कहा कि योग का विश्व स्तर योगदान है। बीएचयू के डॉ. विनोद तिवारी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं।
प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र चौहान ने कहा कि कालेज कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। कार्यक्रम में कनाडा, अमेरिका, चीन, मलेशिया से भी वक्ताओं ने विचार रखे। मौके पर कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. गणेश बिष्ट, डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. अजय कुमार, डॉ. पीयूष सिंगल, दीपक नेगी, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. दीपक सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को आयोजित कांफ्रेंस में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने का कि आज के समय में आयुर्वेद और उस में होने वाले नवीन अनुसंधानों की आवश्यकता है। प्रो. महावीर अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक और शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रो. ईश्वर भारद्वाज ने कहा कि योग का विश्व स्तर योगदान है। बीएचयू के डॉ. विनोद तिवारी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं।
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प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र चौहान ने कहा कि कालेज कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। कार्यक्रम में कनाडा, अमेरिका, चीन, मलेशिया से भी वक्ताओं ने विचार रखे। मौके पर कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. गणेश बिष्ट, डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. अजय कुमार, डॉ. पीयूष सिंगल, दीपक नेगी, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. दीपक सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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