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नगर निगम बोर्ड में जोरदार हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 31 Dec 2016 10:27 PM IST
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The board decided to boycott municipal councilors come out of the auditorium.
- फोटो : amarujala
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पूर्वानुमान के अनुुसार ही नगर निगम बोर्ड का अधिवेशन जोरदार हंगामे के साथ संपन्न हुआ। पांच महीने बाद महापौर मनोज गर्ग की अध्यक्षता में बोर्ड का अधिवेशन शुरू हुआ। प्रतिपक्ष की ओर से कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग कराने की मांग नकारे जाने पर उत्तेजित विपक्षी पार्षद वेल में अध्यक्ष के आसन के सामने आकर डट गए। इसका भी असर नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में सतेंद्र वर्मा को छोड़ विपक्षी कांग्रेस पार्षद सदन से वाकॅआउट कर गए।
भाजपा पार्षदों में रानीपुर झाल के पास गेल को नेचुरल गैस टर्मिनल बनाने के लिए भूमि देने के प्रस्ताव पर एकराय नहीं होने पर महापौर ने प्रस्ताव वापस ले लिया। बाद में उत्तरी हरिद्वार में 50 शैय्यायुक्त राजकीय चिकित्सालय निर्माण के लिए पावनधाम के सामने की भूमि देने के प्रस्ताव सहित संविदा कर्मियों की अवधि बढ़ाने, स्वास्थ्य अनुभाग में शौचालय, स्टोर के लिए टीनशेड का निर्माण और एक रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। सदन ने पार्षद विजय शर्मा के ब्रह्मपुरी स्थित सिलाई-कढ़ाई केंद्र का रखरखाव गंगा सभा को देने, रवि धींगड़ा का ज्वालापुर रेलवे के पास पार्किंग बनाने, महापौर मनोज गर्ग ने विधायक आदेश चौहान का जगजीतपुर क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने, पार्षद राजेश शर्मा व कन्हैया खेवड़िया का कर्मचारी यूनियनों का चुनाव कराने और सफाई हवलदारों सहित सभी कर्मचारियों का जनरल स्थानांतरण करने का भी गैर सरकारी प्रस्ताव पारित किया।
महापौर ने पार्षद लखन लाल चौहान के इस्तीफे पर विधिक राय लेने की व्यवस्था दी। इससे पहले महापौर के निर्देश पर नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश शर्मा प्रस्ताव पढ़ने के लिए खड़े हुए तो नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार कहा कि पिछले अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुरूप अधिवेशन की कार्यवाही की वीडियो रिकाडिंग कराने की मांग उठाई। मांग खारिज करने पर नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार नेतृत्व कांग्रेस के पार्षद माहापौर का इस्तीफा मांगते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी सदन में घुसे
नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने दो महीने की पेंशन भुगतान की मांग को लेकर पहले सदन के अंदर घुस आए। उन्होंने नियमित कर्मियों की तर्ज पर दो महीने की पेंशन देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार, अमन गर्ग, सतेंद्र वर्मा, मनोनीत पार्षद रमेश चंद्र छाछर ने उनकी मांग का समर्थन किया। इसको लेकर महापौर मनोज गर्ग की नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार व अन्य सदस्यों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। महापौर ने कहा कि सरकार ने 10 करोड़ देने की बात कही थी, परंतु दिया नहीं। प्रदर्शनकारियों में मदनपाल, श्रीकृष्ण वाजपेयी, पवन सिंह, राजेंद्र त्रिपाठी, रोज सिंह, सुरजीत, उमेद सिंह, ओमप्रकाश आदि शामिल थे।
संविदा कर्मियों ने भी किया प्रदर्शन
नगर निगम कर्मचारियों के साझा मंच ने 140 संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बैठक खत्म होने पर वे नारे लगाते हुए कर्मचारी सदन के अंदर दाखिल हुए और नगर आयुक्त अशोक कुमार पांडेय को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ श्रमिक नेता मुकुल जोशी, अशोक गुप्ता, राजेंद्र घाघट, जितेंद्र तेश्वर आदि ने किया। उन्होंने नगर आयुक्त को बताया कि संविदा सफाई कर्मियों को नियमित करने का शासनादेश हो रखा है औॅर नगर निगम स्तर पर जानबूझकर देरी की जा रही है।
कुछ खेल करने का संदेह
अपने की पार्षदों को विरोध के मद्देनजर महापौर मनोज गर्ग को गेल को रानीपुर झाल की बेशकीमती भूमि देने का प्रस्ताव वापस लेना पड़ा है। भाजपा पार्षदों को लगता है कि विधायक व महापौर ने भूमि देने के बदले गेल के साथ कोई बड़ा खेल तय कर लिया है। महापौर ने शुक्रवार रात व शनिवार सुबह पार्षदों के साथ हुई वार्ता में भी सहमति नहीं बनी। पार्षद राजेश शर्मा, अनिल मिश्रा, कन्हैया खेवड़िया, रवि धींगड़ा आदि ने प्रस्ताव पारित करने को तैयार नहीं हुए तो महापौर ने इस प्रस्वाव को वापस लेने की घोषणा की। पार्षद राजेश शर्मा ने कहा कि पहले रानीपुर झाल की पूरी भूमि पैमाइश होगी इसके बाद ही कोई निर्णय होगा।
भाजपा पार्षदों में रानीपुर झाल के पास गेल को नेचुरल गैस टर्मिनल बनाने के लिए भूमि देने के प्रस्ताव पर एकराय नहीं होने पर महापौर ने प्रस्ताव वापस ले लिया। बाद में उत्तरी हरिद्वार में 50 शैय्यायुक्त राजकीय चिकित्सालय निर्माण के लिए पावनधाम के सामने की भूमि देने के प्रस्ताव सहित संविदा कर्मियों की अवधि बढ़ाने, स्वास्थ्य अनुभाग में शौचालय, स्टोर के लिए टीनशेड का निर्माण और एक रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। सदन ने पार्षद विजय शर्मा के ब्रह्मपुरी स्थित सिलाई-कढ़ाई केंद्र का रखरखाव गंगा सभा को देने, रवि धींगड़ा का ज्वालापुर रेलवे के पास पार्किंग बनाने, महापौर मनोज गर्ग ने विधायक आदेश चौहान का जगजीतपुर क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने, पार्षद राजेश शर्मा व कन्हैया खेवड़िया का कर्मचारी यूनियनों का चुनाव कराने और सफाई हवलदारों सहित सभी कर्मचारियों का जनरल स्थानांतरण करने का भी गैर सरकारी प्रस्ताव पारित किया।
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महापौर ने पार्षद लखन लाल चौहान के इस्तीफे पर विधिक राय लेने की व्यवस्था दी। इससे पहले महापौर के निर्देश पर नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश शर्मा प्रस्ताव पढ़ने के लिए खड़े हुए तो नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार कहा कि पिछले अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुरूप अधिवेशन की कार्यवाही की वीडियो रिकाडिंग कराने की मांग उठाई। मांग खारिज करने पर नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार नेतृत्व कांग्रेस के पार्षद माहापौर का इस्तीफा मांगते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी सदन में घुसे
नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने दो महीने की पेंशन भुगतान की मांग को लेकर पहले सदन के अंदर घुस आए। उन्होंने नियमित कर्मियों की तर्ज पर दो महीने की पेंशन देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार, अमन गर्ग, सतेंद्र वर्मा, मनोनीत पार्षद रमेश चंद्र छाछर ने उनकी मांग का समर्थन किया। इसको लेकर महापौर मनोज गर्ग की नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार व अन्य सदस्यों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। महापौर ने कहा कि सरकार ने 10 करोड़ देने की बात कही थी, परंतु दिया नहीं। प्रदर्शनकारियों में मदनपाल, श्रीकृष्ण वाजपेयी, पवन सिंह, राजेंद्र त्रिपाठी, रोज सिंह, सुरजीत, उमेद सिंह, ओमप्रकाश आदि शामिल थे।
संविदा कर्मियों ने भी किया प्रदर्शन
नगर निगम कर्मचारियों के साझा मंच ने 140 संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बैठक खत्म होने पर वे नारे लगाते हुए कर्मचारी सदन के अंदर दाखिल हुए और नगर आयुक्त अशोक कुमार पांडेय को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ श्रमिक नेता मुकुल जोशी, अशोक गुप्ता, राजेंद्र घाघट, जितेंद्र तेश्वर आदि ने किया। उन्होंने नगर आयुक्त को बताया कि संविदा सफाई कर्मियों को नियमित करने का शासनादेश हो रखा है औॅर नगर निगम स्तर पर जानबूझकर देरी की जा रही है।
कुछ खेल करने का संदेह
अपने की पार्षदों को विरोध के मद्देनजर महापौर मनोज गर्ग को गेल को रानीपुर झाल की बेशकीमती भूमि देने का प्रस्ताव वापस लेना पड़ा है। भाजपा पार्षदों को लगता है कि विधायक व महापौर ने भूमि देने के बदले गेल के साथ कोई बड़ा खेल तय कर लिया है। महापौर ने शुक्रवार रात व शनिवार सुबह पार्षदों के साथ हुई वार्ता में भी सहमति नहीं बनी। पार्षद राजेश शर्मा, अनिल मिश्रा, कन्हैया खेवड़िया, रवि धींगड़ा आदि ने प्रस्ताव पारित करने को तैयार नहीं हुए तो महापौर ने इस प्रस्वाव को वापस लेने की घोषणा की। पार्षद राजेश शर्मा ने कहा कि पहले रानीपुर झाल की पूरी भूमि पैमाइश होगी इसके बाद ही कोई निर्णय होगा।