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कृषि कानून पर हो रहा भ्रामक प्रचार: चाहर
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भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि देश में कृषि कानूनों को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। कृषि कानून पूरी तरह से किसानों के हित में हैं। देश का किसान कभी भी कृषि कानून का विरोध नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत जिन दलों की राजनीतिक जमीन चली गई है, वह किसानों को जमीन जाने का भय दिखाकर उन्हें भ्रमित कर रहे हैं।
उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे राजकुमार चाहर ने हरिद्वार में भाजपा के जिला कार्यालय जगजीतपुर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर चल रहा आंदोलन किसानों का नहीं बल्कि विपक्षी दलों का है। पंजाब से आंदोलन चला। बिचौलियों ने इस आंदोलन को शुरू किया। किसानों से लगातार सरकार बात कर रही है। कृषि कानून कभी भी वापस नहीं लिए जाएंगे। जो किसान हित में बनाए गए हैं। अगर किसान सुझाव दें तो सरकार उन पर अमल करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव कैसे आए और उनकी आमदनी दोगुना कैसे हो, इसके लिए मोदी सरकार साफ नीयत से काम कर रही है। किसानों के हितों की सुरक्षा को तीन कृषि कानून लाए गए। यह भी साफ किया गया है कि एमएसपी थी, है और आगे भी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री उत्तराखंड में आकर केवल झूठ बोलते हैं। दिल्ली में किसानों के हित में कोई योजना नहीं है। दिल्ली राज्य में कृषि मंत्रालय ही नहीं है।
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उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे राजकुमार चाहर ने हरिद्वार में भाजपा के जिला कार्यालय जगजीतपुर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर चल रहा आंदोलन किसानों का नहीं बल्कि विपक्षी दलों का है। पंजाब से आंदोलन चला। बिचौलियों ने इस आंदोलन को शुरू किया। किसानों से लगातार सरकार बात कर रही है। कृषि कानून कभी भी वापस नहीं लिए जाएंगे। जो किसान हित में बनाए गए हैं। अगर किसान सुझाव दें तो सरकार उन पर अमल करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव कैसे आए और उनकी आमदनी दोगुना कैसे हो, इसके लिए मोदी सरकार साफ नीयत से काम कर रही है। किसानों के हितों की सुरक्षा को तीन कृषि कानून लाए गए। यह भी साफ किया गया है कि एमएसपी थी, है और आगे भी रहेगी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री उत्तराखंड में आकर केवल झूठ बोलते हैं। दिल्ली में किसानों के हित में कोई योजना नहीं है। दिल्ली राज्य में कृषि मंत्रालय ही नहीं है।
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