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माघ पूर्णिमा पर पड़ रहा कालजयी योग
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:41 PM IST
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हरिद्वार। अर्द्घकुंभ का चौथा माघ पूर्णिमा स्नान सोमवार को पड़ रहा है। मघा नक्षत्र में पड़ने के कारण माघी पूर्णिमा और अधिक पुण्यदायी हो गई है। यह वह तिथि है जिस दिन द्वापर में कर्ण का जन्म हुआ था। त्रेता में श्रीराम ने अहिल्या का उद्वार इसी दिन किया था।
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पूर्णिमा स्नान से एक महीने चला माघ स्नान भी संपन्न हो जाएगा। फागुन की शारदीय कांवड़ यात्रा सोमवार से शुरू हो रही है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार अर्द्घकुंभ पर आई यह माघ पूर्णिमा अत्यंत शुभकारी है। इस दिन मघा नक्षत्र रहेगा। गुरु सिंह राशि में विराजमान होगे। मंगल, शनि तथा गुरु का संयोग इस पूर्णिमा को कालजयी योग से संबद्घ कर रहा है। वर्षों बाद ऐसा योग आता है। अर्द्घकुंभ स्नान का पुण्य काल सूर्योदय से प्रारंभ हो जाएगा। नव ग्रहों की बाधा से पीड़ित लोग प्रात: 9.20 से 10.50 बजे के बीच स्नाने करे। डा. मिश्रपुरी बताते है कि धन-लक्ष्मी और भूमि की प्राप्त के लिए दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे स्नान करे। वृश्चिक लगन में स्नान विजय दिलाता है।
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यह पूर्णिमा मंगल और शनि के योग में आ रही है। सिंह, वृश्चिक, वृषभ तथा कुंभ जैसी स्थिर राशियों के लिए यह स्नान शुभ रहेगा। माघ की पूर्णिमा के लिए धनुर्धारी कर्ण का जन्म हुआ था। इसी दिन कुंती ने कर्ण को गंगा में बहा दिया था। भविष्य पुराण में इस पूर्णिमा को वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पूर्णिमा बताया गया है। स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया।
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