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थानों में रखी शराब पुलिस के लिए बनी मुसीबत

Wed, 09 Feb 2022 08:26 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 08:26 PM IST
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Liquor kept in police stations became trouble for the police
जिले में पहले से ही पुलिस की ओर से पकड़ी गई अवैध शराब अब मुसीबत बनने लगी है। अवैध शराब से अधिकांश थाने के मालखाने भरे पड़े हैं। वहीं अब चुनाव के दौरान पकड़ी जा रही शराब से आलम यह हो गया है कि कई थानों में शराब रखने के लिए अब जगह भी नहीं है। पुलिस अफसरों का कहना है कि कोर्ट से परमिशन लेकर ही शराब नष्ट करने की बाध्यता है।
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जिले में पुलिस गैर प्रांत से पहुंचने वाली शराब की खेप हर महीने पकड़ती है। शराब की खेप लगातार चुनाव से पहले पकड़ी जाती रही है। हर बार शराब की पेटियों को थानों में रखा जाता है। सूत्रों की मानें तो पुलिस बरामद शराब का नमूना मालखाने में और पेटियों को थानों के कमरों व परिसर में रख दिया जाता है। हर महीने पकड़ी गई शराब की पेटियों से थाना और सैंपल से मालखाना भर गया है। अब चुनावी सीजन में जिला पुलिस की ओर से लगातार तस्करी की शराब पकड़ने का अभियान जारी है। सभी थाना व कोतवाली क्षेत्रों में शराब लगातार पकड़ी जा रही है। ऐसे में अब मालखानों में जगह नहीं है। बता दें कि नियमों के मुताबिक पकड़ी जाने वाली अवैध शराब के अलग-अलग ब्रांड को नमूना के तौर पर तब तक रखना होता है जब तक उससे जुड़े मुकदमे का निस्तारण नहीं हो जाता। संवाद
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कोर्ट से परमिशन का प्रयास किया जा रहा
पुलिस को हर बार सभी ब्रांड को नमूना के तौर पर रखना होता है। लिहाजा मालखाने भर गए। थानेदार इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराते हैं, लेकिन कानूनी दांव-पेंच के चलते इस समस्या का समाधान नहीं हो पाता। बताया जाता है कि पुलिस अफसरों की ओर से पकड़ी गई शराब को नष्ट करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। हालांकि अब तक न्यायालय से इसकी अनुमति नहीं मिल सकी है।
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थानों में वाहनों की संख्या भी बढ़ी
थानों में अवैध शराब ही नहीं बल्कि तस्करों के पास से वाहन भी जब्त होते हैं। हर महीने शराब तस्करी में प्रयोग होने वाले चार पहिया वाहन बरामद होते हैं। ऐसे में वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है।
बरामद की गई शराब को नष्ट करने के लिए कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी हरिद्वार
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