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कुंभ-2021: सात घाटों के निर्माण कार्य पड़े ठप
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कुंभ का बजट न मिलने से रूका गंगा घाट के काम ।
- फोटो : HARIDWAR
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भुगतान और निर्माण सामग्री न मिलने से कुंभ-2021 निधि से बन रहे सात घाटों का निर्माण कार्य 15 दिनों से बंद है। कुल सौ करोड़ के कार्य होने हैं, जिसमें से 50 करोड़ के कार्य हो चुके हैं, लेकिन ठेकेदारों का भुगतान न होने से मुश्किल खड़ी हो गई है। ऐसे में कुंभ निधि से बन रहे दो पुलों के साथ हाईवे का निर्माण भी बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
कुंभ निधि से सिंचाई विभाग की ओर से सात गंगा घाट बनाए जा रहे हैं। इनमें प्रेमनगर आश्रम के सामने एक, गोविंदपुरी के सामने के दो, ऋषिकुल के बराबर में एक रामघाट, कनखल में दक्ष मंदिर के सामने एक और कनखल में ही श्मशान घाट के सामने दो घाटों का निर्माण हो रहा है।
दशहरा पर गंगा बंदी के दौरान घाटों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अब संबंधित ठेकेदारों को निर्माण सामग्री मिलनी बंद हो गई। हरियाणा प्रदेश की सामग्री को कुंभ मेला की तकनीकी सेल के विशेषज्ञों ने खराब बताया। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रवन्ने स्वीकृत नहीं किए। ऐसे में सभी घाटों के निर्माण बंद हो गए हैं।
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वहीं, दो साल बाद शुरू हुए हरिद्वार-मुजफ्फरनगर हाईवे का चौड़ीकरण कर रही एजेंसी को भी निर्माण सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है। ऐसे में निर्माण कर रही एजेंसी परेशान है। कार्य की गति धीमी है। इसके भी बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
बजट पर्याप्त पर प्रगति रिपोर्ट तो दें
शासन से पर्याप्त बजट मिला है। कार्यों की प्रगति के अनुसार ही मिलेगा। निर्माण कार्य की वीडियो के साथ फोटो, कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ, कार्य शुरू करने और समाप्त करने की तिथि का चार्ट, ऑडिट में आपत्तियों का जवाब, सैंपल फेल होने पर सुधार प्रगति की रिपोर्ट, संबंधित तकनीकी सेल की संस्तुति देनी जरूरी है। संबंधित विभागों से कई बार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उन्होंने नहीं दी।
-दीपक रावत, मेलाधिकारी
मेला प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग को कार्यों के बाबत बजट नहीं मिला है। ऐसे में कार्य कराने वाले ठेकेदारों को कहां से भुगतान किया जाए।
पुरुषोत्तम शर्मा, ईई, सिंचाई विभाग।
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कुंभ निधि से सिंचाई विभाग की ओर से सात गंगा घाट बनाए जा रहे हैं। इनमें प्रेमनगर आश्रम के सामने एक, गोविंदपुरी के सामने के दो, ऋषिकुल के बराबर में एक रामघाट, कनखल में दक्ष मंदिर के सामने एक और कनखल में ही श्मशान घाट के सामने दो घाटों का निर्माण हो रहा है।
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दशहरा पर गंगा बंदी के दौरान घाटों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अब संबंधित ठेकेदारों को निर्माण सामग्री मिलनी बंद हो गई। हरियाणा प्रदेश की सामग्री को कुंभ मेला की तकनीकी सेल के विशेषज्ञों ने खराब बताया। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रवन्ने स्वीकृत नहीं किए। ऐसे में सभी घाटों के निर्माण बंद हो गए हैं।
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वहीं, दो साल बाद शुरू हुए हरिद्वार-मुजफ्फरनगर हाईवे का चौड़ीकरण कर रही एजेंसी को भी निर्माण सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है। ऐसे में निर्माण कर रही एजेंसी परेशान है। कार्य की गति धीमी है। इसके भी बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
बजट पर्याप्त पर प्रगति रिपोर्ट तो दें
शासन से पर्याप्त बजट मिला है। कार्यों की प्रगति के अनुसार ही मिलेगा। निर्माण कार्य की वीडियो के साथ फोटो, कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ, कार्य शुरू करने और समाप्त करने की तिथि का चार्ट, ऑडिट में आपत्तियों का जवाब, सैंपल फेल होने पर सुधार प्रगति की रिपोर्ट, संबंधित तकनीकी सेल की संस्तुति देनी जरूरी है। संबंधित विभागों से कई बार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उन्होंने नहीं दी।
-दीपक रावत, मेलाधिकारी
मेला प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग को कार्यों के बाबत बजट नहीं मिला है। ऐसे में कार्य कराने वाले ठेकेदारों को कहां से भुगतान किया जाए।
पुरुषोत्तम शर्मा, ईई, सिंचाई विभाग।