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जलांजलि में दिखी अनूठी परंपरा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:10 AM IST
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हरिद्वार। हरकी पैड़ी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को जलांजलि (श्रद्धांजलि) कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना। परंपरा के अनुसार राजस्थानी वेषभूषा में सजधज कर गंगातट पर परिवार के 60 लोग जिसमें बेटों, बहुओं, बेटियों, दामादों और बेटियों की बेटियां जलांजलि देने पहुंचे।
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राजस्थान के जिला जालौर निवासी वयोवृद्ध देवाभाई लाला भाई लुहारिया का निधन चार महीने पूर्व हो चुका था। मृतक के बेटी के बेटे राठौर जयेश भाई अनिल भाई ने बताया कि जलांजलि देने के लिए वे लोग अहमदाबाद से आए हैं और जालौर, राजस्थान के निवासी हैं। इस परंपरा में बेटियां जलांजलि के लिए मटकी में जल लेकर आती हैं और दामाद मटकी के जल को कौवे जूठा न कर दें इसलिए धनुष बाण तान कर उनके साथ चलते हैं। इन लोगों ने सुभाषघाट से गऊघाट पुल होते हुए गंगाघाट तक मटकी यात्रा निकाली। बहुओं ने पीपल की पूजा अर्चना की और बेटों ने बहनों और उनकी बेटियों द्वारा लाए गए जल को पीपल में चढ़ाकर जलांजलि की रस्म पूरी की।
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