15 जनवरी तक पूरे करें अर्द्धकुंभ के काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को जिला और मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ शहर में चल रहे अर्द्धकुंभ कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संत रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर चल रहे विवाद का निरीक्षण किया। ऋषिकुल में महर्षि कश्यप चौक का निर्माण करने के साथ-साथ कश्यप घाट, मदन मोहन मालवीय घाट और वीआईपी घाट के सामने शहीदों की स्मृति में पार्क का निर्माण करने के आदेश दिए। हरकी पैड़ी के सामने बन रहे तीन अस्थाई पुलों को भविष्य में स्थायी करने के साथ मेले के सभी काम समय से पूरे करने को कहा। इससे पहले सीएम ने देररात तक जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों की बैठक ली।
दोपहर करीब 12 बजे तक डामकोठी में जनता की समस्याएं सुनने और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री मेला कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कश्यप धर्मशाला के सामने गंगनहर के घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान धर्मशाला के सामने हाईवे पर महर्षि चौक बनाने और गंगनहर के एक तरफ महर्षि कश्यप घाट का निर्माण करने और दूसरी तरफ मदनमोहन मालवीय घाट बनाने के आदेश दिए। इसके बारे में उन्होंने एमएनए को इसके नामकरण कराने के भी आदेश दिए। कहा कि इस बार बिना केंद्र की सहायता से सात नए पुलों का निर्माण किया गया है। अर्द्धकुंभ की तैयारियों पर 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य सरकार ने अपने स्रोतों से की है। मुख्यमंत्री ने मेला प्रशासन एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि मेले के अंतर्गत जो भी स्थायी अथवा अस्थायी कार्य चल रहें हैं उन्हें हर हाल में 15 जनवरी से पहले पूरे कर लिए जाएं। हालांकि प्रशासन को 31 दिसंबर तक की डेडलाइन दी गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे ललतारौ पुल को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। हरकी पैड़ी पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए वॉच टावरों को व्यवस्थित ढंग से बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वीआईपी घाट के समीप 23 मार्च पार्क को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के माध्यम से विकसित करने के निर्देश दिए। हरकी पैड़ी पर कांगड़ा घाट विस्तारीकरण के संबंध में मेला अधिकारी एसए मुरूगेशन द्वारा जानकारी दी कि इस मामले पर दूसरे पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय में वाद दायर किया है। इस पर सीएम ने कहा कि घाट के विस्तार से यात्रियों को सुविधा मिलेगाी। इसलिए यथासंभव जो कार्य हो सकते हैं वह पूरे करवाएं। निरीक्षण के दौरान सीएम के ओएसडी पुरूषोत्तम शर्मा, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व प्रदेश महामंत्री राव आफाक अली, जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ, एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, एडीएम जे.एस. नागन्याल, सिटी मजिस्ट्रेट मौ. नासिर, एमएनए विप्रा त्रिवेदी, एसई लोनिवि एसके शर्मा, ईई सिंचाई एनके यादव, डीएस कछवाह, धर्मेंद्र अंबुवाला, रवीश भटीजा, दीपक जखमोला, आशीष पुरी, रमेश शर्मा अशोक शर्मा, रमन सिंह, बृजरानी आदि मौजूद रहे।
इनसेट
संत रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार के निर्देश
हरिद्वार। अर्द्धकुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री सबसे पहले अधिकारियों को लेकर हरकी पैड़ी पर संत रविदास मंदिर पहुंचे। उन्होंने विवाद के बारे में पूछा और अधिकारियों को हिदायत दी कि मंदिर के ऊपर आ रहे पुल के हिस्से को हटाकर मंदिर का गुंबद बनाया जाए। इस दौरान संत रविदास समाज के प्रतिनिधि के रूप में सतीश दूबे, देशराज कर्णवाल, महंत बृजेशदास और दूसरे पक्ष के ओर से गंगाराम समाज की ओर से राजेश प्रधान, टंकार कौशल, धर्मेंद्र भारद्वाज आदि मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य संत रविदास को समुचित सम्मान देना है।