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Haridwar News: इंटर कॉलेज में शिक्षकों का टोटा, बिना प्रधानाचार्य व्यवस्था रामभरोसे
Fri, 24 Jul 2026 06:01 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Fri, 24 Jul 2026 06:01 PM IST
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हरिपुर कलां स्थित स्वामी सत्यमित्रानंद राजकीय इंटर कॉलेज इन दिनों भारी प्रशासनिक और शैक्षणिक बदहाली से जूझ रहा है। विद्यालय में लंबे समय से नियमित प्रधानाचार्य और पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती न होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और अनुशासन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
शिक्षकों की भारी कमी के बीच मौजूदा समय में विद्यालय की पूरी व्यवस्था वरिष्ठ अध्यापक रविंदर कुमार के कंधों पर है। उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य का जिम्मा सौंपा गया है। नियमित प्रधानाचार्य की कुर्सी खाली होने के कारण विद्यालय के कई अहम फैसले और महत्वपूर्ण विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
लैब में रखे हैं आधुनिक कंप्यूटर, पर सिखाने वाला कोई नहीं
डिजिटल युग में छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर लैब तो स्थापित कर दी गई है, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसे संचालित करने के लिए कोई ट्रेनर ही नहीं है। प्रशिक्षक के अभाव में छात्र-छात्राएं डिजिटल शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं और लैब का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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अधिकारियों को हर महीने जा रही रिपोर्ट, नतीजा सिफर
विद्यालय प्रबंधन इस विकट स्थिति को लेकर हर महीने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत करा रहा है। पत्राचार के माध्यम से लगातार बताया जा रहा है कि शिक्षकों और प्रधानाचार्य की कमी से बच्चों की पढ़ाई का कितना नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद अब तक शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। इस ढुलमुल रवैये से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रधानाचार्य केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक धुरी होता है। स्थायी प्रधानाचार्य के अभाव में स्कूल की पूरी व्यवस्था चरमरा रही है। उच्चाधिकारियों को लगातार इस समस्या से अवगत कराया जा रहा है, ताकि जल्द समाधान निकल सके। - रविंदर कुमार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, स्वामी सत्यमित्रानंद राजकीय इंटर कॉलेज।
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शिक्षकों की भारी कमी के बीच मौजूदा समय में विद्यालय की पूरी व्यवस्था वरिष्ठ अध्यापक रविंदर कुमार के कंधों पर है। उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य का जिम्मा सौंपा गया है। नियमित प्रधानाचार्य की कुर्सी खाली होने के कारण विद्यालय के कई अहम फैसले और महत्वपूर्ण विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
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लैब में रखे हैं आधुनिक कंप्यूटर, पर सिखाने वाला कोई नहीं
डिजिटल युग में छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर लैब तो स्थापित कर दी गई है, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसे संचालित करने के लिए कोई ट्रेनर ही नहीं है। प्रशिक्षक के अभाव में छात्र-छात्राएं डिजिटल शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं और लैब का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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अधिकारियों को हर महीने जा रही रिपोर्ट, नतीजा सिफर
विद्यालय प्रबंधन इस विकट स्थिति को लेकर हर महीने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत करा रहा है। पत्राचार के माध्यम से लगातार बताया जा रहा है कि शिक्षकों और प्रधानाचार्य की कमी से बच्चों की पढ़ाई का कितना नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद अब तक शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। इस ढुलमुल रवैये से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रधानाचार्य केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक धुरी होता है। स्थायी प्रधानाचार्य के अभाव में स्कूल की पूरी व्यवस्था चरमरा रही है। उच्चाधिकारियों को लगातार इस समस्या से अवगत कराया जा रहा है, ताकि जल्द समाधान निकल सके। - रविंदर कुमार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, स्वामी सत्यमित्रानंद राजकीय इंटर कॉलेज।