हरियाणा की तर्ज पर राज्य में भी नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों का अलग से कैडर बनाने और ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग का लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार से तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते बच्चों की जांच, टीवी की दवा वितरण, पैथोलॉजी जांच आदि सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर टीकाकरण से भी हटने की चेतावनी दी है।
नेशनल हेल्थ मिशन संविदा कर्मचारी संगठन की ओर से अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। संगठन की ओर से मंगलवार को फिर से तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों के बाहर कार्यबहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से एनएचएम कर्मचारियों के लिए अलग से कैडर बना दिया गया है। इसलिए राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि वह यहां भी एनएचएम कर्मचारियों को हरियाणा की तर्ज कैडर बनाया जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल किया जाए। नई नियुक्तियां जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से सीधे एनएचएम के लिए की जाएं। कार्यबहिष्कार में विवेक खन्ना, डा. सत्यप्रकाश, डा. प्रियंका सोनू, डा. प्रियंका चौधरी, वर्णिक चौधरी, आशुतोष भट्ट आदि मौजूद रहे।