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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   He is the business center of conspiracies against us: Sivananda

मुख्यमंत्री का आवास है हमारे खिलाफ साजिशों का केंद्र : शिवानंद

Tue, 02 Feb 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 02 Feb 2016 11:57 PM IST
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हरिद्वार। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का देहरादून स्थित आवास मातृसदन के खिलाफ साजिशों का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने वर्ष 2010 के शासकीय प्रत्यावेदन के अनुसार कुंभ क्षेत्र का दायरा जियापोता से बढ़ाकर भोगपुर तक करने की मांग उठाई है। एक हफ्ते में मांग पूरी नहीं होने पर फिर अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।

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मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करके हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि कुंभ क्षेत्र के सीमा विस्तार को लेकर कई बार मांग उठाई गई लेकिन सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं किया। वर्ष 2010 के शासकीय प्रत्यावेदन के अनुरूप कुंभ का क्षेत्र भोगपुर तक बढ़ाया जाना चाहिए। इस बारे में सरकार ने एक सप्ताह में आदेश जारी नहीं किया तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई कि खनन पर रोक लगाने की मांग को नियोजित तरीके से रोजगार से जोड़ा जा रहा है। हकीकत यह है कि गंगोत्री से शुरू होते ही गंगा रोजगार का माध्यम बन रही है। हरिद्वार में तो सारा रोजगार ही गंगा के सहारे है। इस सबसे भी असंतुष्ट लोग अब गंगा का सीना ही चीर देना चाहते हैं, लेकिन 18 सालों से गंगा संरक्षण की लड़ाई लड़ रही संस्था मातृसदन अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर कुंभ मेला क्षेत्र का दायरा नहीं बढ़ाया तो फिर वे सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय नेतृत्व और सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनकी राय मांगेंगे कि हरिद्वार में जिस तरह गंगा का दोहन कर उसे नष्ट करने की साजिश चल रही है, उस पर उनकी क्या राय है।
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 उन्होंने आरोप लगाया कि 22 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास पर खनन माफिया और स्टोन क्रशर वालों की सीएम आवास में मीटिंग हुई। उसमें मातृसदन के खिलाफ साजिश रची गई इसके प्रमाण उन्हें मिले। जिन्हें मुख्यमंत्री को भेजकर उनसे जवाब मांगा गया, जवाब नहीं मिलने पर उन्हें स्मरणपत्र भी भेजा गया है। अब अगर सात दिन में मुख्यमंत्री का कोई जवाब नहीं आता है तो यह माना जाएगा कि मातृ सदन के खिलाफ की जा रही साजिश में खुद मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
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