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Haridwar News: हरिद्वार के बैंक खाते जांच के दायरे में, साइबर ठगी में चार प्राथमिकी दर्ज
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.31 करोड़ की ठगी, ट्रेडिंग के झांसे में भी गंवाए लाखों
ज्वालापुर पुलिस ने समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध खातों की जानकारी मिलने पर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। साइबर ठगी के मामलों में हरिद्वार की बैंक शाखाओं से जुड़े संदिग्ध खातों की जानकारी सामने आने के बाद ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।
इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दो लोगों से 1.31 करोड़ रुपये की ठगी, सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 2.84 लाख रुपये हड़पने और एक अन्य व्यक्ति से 36 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला शामिल है। पुलिस ने 14सी के समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध बैंक शाखाओं से संबंधित जानकारी का परीक्षण करने के बाद अज्ञात खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। ठगी के शिकार लोग उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु समेत अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। सभी मामलों की गहनता से जांच कराई जा रही है।
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फेसबुक पर निवेश का झांसा देकर 2.84 लाख ठगे
कानपुर नगर के गोविंद नगर निवासी सौरभ पाटनी को फेसबुक पर आराध्या गोयल नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। बातचीत के दौरान उन्हें ट्रेडिंग में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश एप का लिंक भेजा गया। पीड़ित ने 2,84,280 रुपये निवेश कर दिए। रकम निकालने के लिए और पैसे मांगे जाने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें ले ली थीं। मामले में ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक विपिन कुमार की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की विवेक विहार स्थित शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली थी।
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तेलंगाना की महिला से 66 लाख ठगे
तेलंगाना के मल्काजगिरि जिले के पोचारम स्थित सिंगापुर टाउनशिप निवासी अक्की मीनाक्षी के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज है। साइबर पुलिस पोर्टल पर दर्ज शिकायत में ठगी की रकम 66 लाख रुपये बताई गई है। समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान पुलिस को रानीपुर मोड़ स्थित यश बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली। इसके बाद ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक मनीष भंडारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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सीबीआई का गिरफ्तारी वारंट बताकर 65 लाख हड़पे
तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अन्नानगर निवासी पीवी सुरेंद्र को कथित तौर पर फोन कर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले ने खुद को सीएम सेल का उपनिरीक्षक देवराज बताया। इसके बाद दिल्ली सीबीआई की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कहकर जमानत प्रक्रिया के नाम पर रुपये मांगे गए। इस तरह सुरेंद्र से 65 लाख ठग लिए गए। मामले में ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक मनीष भंडारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस मामले में भी रानीपुर मोड़ स्थित यश बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी सामने आई है।
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ट्रेडिंग एप के जरिये 36 लाख रुपये से अधिक की ठगी
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के वेल्लामडई क्षेत्र निवासी धनबलन को फेसबुक पर एक विज्ञापन के माध्यम से निवेश का झांसा दिया गया। इसके बाद उन्हें ''''अचिंता'''' नाम की वेबसाइट से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया और सी-ट्रेडर एप के जरिये शेयरों में निवेश करने के लिए कहा। रकम जमा करने के बाद निवेश की राशि निकालने के लिए और पैसे मांगे गए, लेकिन उन्हें रकम वापस नहीं मिली। पीड़ित ने कुल 36,02,736 रुपये की धोखाधड़ी होने की शिकायत की। पुलिस को चंद्राचार्य चौक के पास होटल विजय लक्ष्मी इन स्थित इंडसइंड बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली है। इस मामले की प्राथमिकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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ज्वालापुर पुलिस ने समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध खातों की जानकारी मिलने पर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। साइबर ठगी के मामलों में हरिद्वार की बैंक शाखाओं से जुड़े संदिग्ध खातों की जानकारी सामने आने के बाद ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।
इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दो लोगों से 1.31 करोड़ रुपये की ठगी, सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 2.84 लाख रुपये हड़पने और एक अन्य व्यक्ति से 36 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला शामिल है। पुलिस ने 14सी के समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध बैंक शाखाओं से संबंधित जानकारी का परीक्षण करने के बाद अज्ञात खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। ठगी के शिकार लोग उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु समेत अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। सभी मामलों की गहनता से जांच कराई जा रही है।
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फेसबुक पर निवेश का झांसा देकर 2.84 लाख ठगे
कानपुर नगर के गोविंद नगर निवासी सौरभ पाटनी को फेसबुक पर आराध्या गोयल नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। बातचीत के दौरान उन्हें ट्रेडिंग में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश एप का लिंक भेजा गया। पीड़ित ने 2,84,280 रुपये निवेश कर दिए। रकम निकालने के लिए और पैसे मांगे जाने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें ले ली थीं। मामले में ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक विपिन कुमार की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की विवेक विहार स्थित शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली थी।
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तेलंगाना की महिला से 66 लाख ठगे
तेलंगाना के मल्काजगिरि जिले के पोचारम स्थित सिंगापुर टाउनशिप निवासी अक्की मीनाक्षी के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज है। साइबर पुलिस पोर्टल पर दर्ज शिकायत में ठगी की रकम 66 लाख रुपये बताई गई है। समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान पुलिस को रानीपुर मोड़ स्थित यश बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली। इसके बाद ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक मनीष भंडारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
सीबीआई का गिरफ्तारी वारंट बताकर 65 लाख हड़पे
तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अन्नानगर निवासी पीवी सुरेंद्र को कथित तौर पर फोन कर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले ने खुद को सीएम सेल का उपनिरीक्षक देवराज बताया। इसके बाद दिल्ली सीबीआई की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कहकर जमानत प्रक्रिया के नाम पर रुपये मांगे गए। इस तरह सुरेंद्र से 65 लाख ठग लिए गए। मामले में ज्वालापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक मनीष भंडारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस मामले में भी रानीपुर मोड़ स्थित यश बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी सामने आई है।
ट्रेडिंग एप के जरिये 36 लाख रुपये से अधिक की ठगी
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के वेल्लामडई क्षेत्र निवासी धनबलन को फेसबुक पर एक विज्ञापन के माध्यम से निवेश का झांसा दिया गया। इसके बाद उन्हें ''''अचिंता'''' नाम की वेबसाइट से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया और सी-ट्रेडर एप के जरिये शेयरों में निवेश करने के लिए कहा। रकम जमा करने के बाद निवेश की राशि निकालने के लिए और पैसे मांगे गए, लेकिन उन्हें रकम वापस नहीं मिली। पीड़ित ने कुल 36,02,736 रुपये की धोखाधड़ी होने की शिकायत की। पुलिस को चंद्राचार्य चौक के पास होटल विजय लक्ष्मी इन स्थित इंडसइंड बैंक की शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जानकारी मिली है। इस मामले की प्राथमिकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई।