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नोटिस चस्पा देख गुर्जरों में दहशत
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:10 AM IST
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हरिद्वार/पथरी/श्यामपुर। प्लॉट आवंटित होने के बाद भी जंगल नहीं छोड़ने वालों गुर्जरों की अब खैर नहीं है। ऐसे गुर्जरों के प्लाटों को चिह्नित कर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन इनके घरों के बाहर नोटिस चस्पा कर रहा है। नोटिस चस्पा होने की जानकारी मिलने पर मंगलवार को कई गुर्जर अपने प्लाटों की ओर से पहुंचे तो नोटिस देख अफरातफरी मच गई।
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राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की और से चिलावाली, गोहरी और चीला के जंगलों से गुर्जरों को गैंडीखाता और पथरी में पुनर्वासित किया गया था। पथरी में करीब 512, गैंडीखाता में 700 गुर्जरों को 12-12 बीघे के प्लाट दिए गए थे। पार्क प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पथरी में पुनर्वासित किए गुर्जरों में से अधिकांश जंगलों में ही हैं। यही हाल गैंडीखाता का भी है। पथरी में ऐसे गुर्जरों के प्लाटों को चिह्नित कर लिया गया है। पार्क प्रशासन की ओर से पथरी पुनर्वास बस्ती में एक सप्ताह पूर्व करीब 70 गुर्जरों के घरों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए हैं।
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जांच में सहयोग नहीं कर रहे गुर्जर
गुर्जर पुनर्वास बस्ती के रेंजर धीर सिंह का कहना है कि राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से काफी वर्षों से लावारिस प्लाटों और बंद मकानों को अन्य गुर्जरों को आवंटित करने के लिए जांच की जा रही है। लेकिन गुर्जर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। गैंडीखाता में पति और पत्नी के नाम अलग-अलग प्लाट आवंटित हो रखे हैं। एक आदमी के नाम दो-दो प्लाट तक आवंटित हो रखे हैं।
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