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हमें तो यूरिया दिलवा दो, बाकी कुछ नहीं चाहिए
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क्षेत्र के किसान यूरिया समय पर नहीं मिलने से काफी परेशान हैं। फसलों में समय पर यूरिया खाद नहीं डाले जाने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। चुनावी माहौल चरम पर है। प्रत्याशी और पार्टियों के बड़े नेता वोट मांगने गांवों में किसानों तक पहुंच रहे हैं। किसान अपना दुखड़ा बयां कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनको सरकार से कुछ नहीं चाहिए। फसलों के लिए समय पर यूरिया खाद दिलवा दो। नेता और प्रत्याशी एक कान से सुनकर दूसरे से निकालकर आगे चलते बन रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि उनकी बात न तो अफसर सुनते हैं और न ही नेता गंभीरता से ले रहे हैं।
किसान फसलों को बचाने के लिए कभी जंगली जानवरों से जूझते हैं तो कभी मौसम की मार पड़ जाती है। बाकी कसर समय पर बीज नहीं मिलने तो कभी यूरिया नहीं मिलने से पूरी हो रही है। कभी अघोषित बिजली कटौती से खेतों की सिंचाई नहीं होती है तो कभी गन्ना विकास समिति से समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं आती हैं। शुगर मिल के तोल केन्द्रों पर समय पर गन्ने की तुलाई नहीं होती है। हर तरफ किसान को जूझना पड़ रहा है।
- इस समय गेहूं, सरसों की फसलों में यूरिया की सख्त जरूरत है। फसलों में समय पर यूरिया खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर असर पड़ेगा। इससे नुकसान उठाना पड़ेगा। - अल्फदीन लोधा, किसान गुर्जर बस्ती पदार्था
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- बादशाहपुर स्थित बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया खाद नहीं है। यूरिया खाद के लिए सहकारी समिति के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। - शकील अहमद, किसान धनपुरा
किसान पहले ही जंगली जानवरों से फसलों के नुकसान और समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं आने से परेशान हैं। अब यूरिया खाद की किल्लत ने मुश्किल बढ़ा दी है। - अजय सैनी, किसान बादशाहपुर
पहले कृषि विभाग के निवेश बिक्री केंद्रों से गेहूं का बीज समय पर नहीं मिला। खेत में गेहूं की फसल देर से बोई गई। अब फसल में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। वह नहीं मिल रहा है। - अजीत चौहान, किसान शिवगढ़
जब भी सहकारी समिति पर यूरिया खाद आती है तो किसानों को बांटी जाती है। फसलों में यूरिया खाद का प्रयोग ज्यादा करने के कारण इसकी मांग बढ़ी है। इस वजह से खाद की किल्लत हुई है। - चरण सिंह, सचिव बादशाहपुर स्थित बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति
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किसान फसलों को बचाने के लिए कभी जंगली जानवरों से जूझते हैं तो कभी मौसम की मार पड़ जाती है। बाकी कसर समय पर बीज नहीं मिलने तो कभी यूरिया नहीं मिलने से पूरी हो रही है। कभी अघोषित बिजली कटौती से खेतों की सिंचाई नहीं होती है तो कभी गन्ना विकास समिति से समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं आती हैं। शुगर मिल के तोल केन्द्रों पर समय पर गन्ने की तुलाई नहीं होती है। हर तरफ किसान को जूझना पड़ रहा है।
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- इस समय गेहूं, सरसों की फसलों में यूरिया की सख्त जरूरत है। फसलों में समय पर यूरिया खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर असर पड़ेगा। इससे नुकसान उठाना पड़ेगा। - अल्फदीन लोधा, किसान गुर्जर बस्ती पदार्था
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- बादशाहपुर स्थित बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया खाद नहीं है। यूरिया खाद के लिए सहकारी समिति के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। - शकील अहमद, किसान धनपुरा
किसान पहले ही जंगली जानवरों से फसलों के नुकसान और समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं आने से परेशान हैं। अब यूरिया खाद की किल्लत ने मुश्किल बढ़ा दी है। - अजय सैनी, किसान बादशाहपुर
पहले कृषि विभाग के निवेश बिक्री केंद्रों से गेहूं का बीज समय पर नहीं मिला। खेत में गेहूं की फसल देर से बोई गई। अब फसल में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। वह नहीं मिल रहा है। - अजीत चौहान, किसान शिवगढ़
जब भी सहकारी समिति पर यूरिया खाद आती है तो किसानों को बांटी जाती है। फसलों में यूरिया खाद का प्रयोग ज्यादा करने के कारण इसकी मांग बढ़ी है। इस वजह से खाद की किल्लत हुई है। - चरण सिंह, सचिव बादशाहपुर स्थित बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति