{"_id":"6aedd95c926f773822050b7a","slug":"ganga-ji-will-arrive-at-har-ki-pauri-from-midnight-haridwar-news-c-35-1-sdrn1003-156380-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: 18 दिन बाद आज मध्य रात्रि से हरकी पैड़ी पर आएगी गंगाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: 18 दिन बाद आज मध्य रात्रि से हरकी पैड़ी पर आएगी गंगाजी
विज्ञापन
- श्रद्धालुओं को मिलेगा स्नान के लिए भरपूर गंगाजल
- किसानों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। 18 दिन की बंदी के बाद आज शनिवार मध्य रात्रि गंगाजी हरकी पैड़ी पर वापस आ जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त गंगाजल मिलेगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ऊपरी गंगनहर की मरम्मतीकरण और साफ-सफाई के लिए सालाना बंदी करती है। इस बार गंगनहर को 20 अक्तूबर की मध्य रात्रि से बंद कर दिया गया था। इस बंदी के कारण भीमगोड़ा बैराज से आने वाली गंगा जल की धारा हरकी पैड़ी तक नहीं पहुंच रही थी।
केवल अविरल गंगा से थोड़े-बहुत पानी की व्यवस्था की जा रही थी। इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं को पर्याप्त गंगाजल नहीं मिल पा रहा था। वे किसी तरह गंगा स्नान और आचमन कर काम चला रहे थे। व्यापारियों को भी श्रद्धालुओं की कमी से कारोबार में फायदा नहीं हो रहा था। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश जा रही गंगनहर से किसानों के सामने सिंचाई के पानी का संकट खड़ा हो गया था।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शासन ने गंगनहर को 7 नवंबर की मध्य रात्रि से चालू करने का निर्णय लिया है। ऊपरी गंगनहर में पानी छोड़े जाने से हरकी पैड़ी पर पर्याप्त गंगाजल पहुंचने लगेगा। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि शनिवार की मध्य रात्रि ऊपरी गंगनहर में मांग के अनुरूप पानी छोड़ दिया जाएगा। अब हरकी पैड़ी पर गंगा के जल की कोई कमी नहीं रहेगी।
विज्ञापन
- किसानों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। 18 दिन की बंदी के बाद आज शनिवार मध्य रात्रि गंगाजी हरकी पैड़ी पर वापस आ जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त गंगाजल मिलेगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ऊपरी गंगनहर की मरम्मतीकरण और साफ-सफाई के लिए सालाना बंदी करती है। इस बार गंगनहर को 20 अक्तूबर की मध्य रात्रि से बंद कर दिया गया था। इस बंदी के कारण भीमगोड़ा बैराज से आने वाली गंगा जल की धारा हरकी पैड़ी तक नहीं पहुंच रही थी।
विज्ञापन
केवल अविरल गंगा से थोड़े-बहुत पानी की व्यवस्था की जा रही थी। इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं को पर्याप्त गंगाजल नहीं मिल पा रहा था। वे किसी तरह गंगा स्नान और आचमन कर काम चला रहे थे। व्यापारियों को भी श्रद्धालुओं की कमी से कारोबार में फायदा नहीं हो रहा था। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश जा रही गंगनहर से किसानों के सामने सिंचाई के पानी का संकट खड़ा हो गया था।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शासन ने गंगनहर को 7 नवंबर की मध्य रात्रि से चालू करने का निर्णय लिया है। ऊपरी गंगनहर में पानी छोड़े जाने से हरकी पैड़ी पर पर्याप्त गंगाजल पहुंचने लगेगा। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि शनिवार की मध्य रात्रि ऊपरी गंगनहर में मांग के अनुरूप पानी छोड़ दिया जाएगा। अब हरकी पैड़ी पर गंगा के जल की कोई कमी नहीं रहेगी।