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Haridwar News: मामा टीटी है कहकर ठगने वाले गिरोह का राजफाश, पांच गिरफ्तार
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फोटो
- जीआरपी एसपी ने पत्रकार वार्ता कर किया खुलासा, आरोपियों को जेल भेजा
- 25 हजार नकद, मोबाइल फोन बरामद, 50 हजार की रकम कराई फ्रीज
- पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों से ठगी के बाद जीआरपी जुटी थी धरपकड़ में
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रेलवे स्टेशनों पर हमारे मामा टीटी हैं कहकर यात्रियों को कंफर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पश्चिम बंगाल के दो यात्रियों से ठगी गई रकम में से 25 हजार, मोबाइल फोन बरामद किया है। 50 हजार की रकम फ्रीज कराई है। आरोपी सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी व बंटी कुमार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसपी अरुणा भारती ने पुलिस टीम को ढाई हजार इनाम की घोषणा की है।
बुधवार को रानीपुर स्थित जीआरपी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर एसपी अरुणा भारती ने मामा टीटी गैंग का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि 10 अक्तूबर की रात बिस्वजीत सौरेन निवासी ग्राम बेलियाबाथन, थाना जेके नगर जिला बर्धमान पश्चिम बंगाल व उसके साथी रंजीत कोरा से कुछ लोगों ने मोबाइल फोन व रकम ठग ली थी।
दोनों हरिद्वार में मजदूरी कर पैसे अकाउंट में जोड़कर त्योहार के लिए कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन से जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। ट्रेन का इंतजार करते समय दो शख्स आए और बिहार जाने की बात कहकर बताया कि उनके मामा रेलवे में टीटी हैं। वह उनके जनरल टिकट को एसी थर्ड कोच स्लीपर में बदलवा देंगे।
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तीसरे साथी को टीटी बनाकर दोनों लोगों से मिलवाया। नियम का हवाला देकर एसी कोच में जाने से पहले सामान की जानकारी देने की बात कही। झांसे में फंसाने के बाद दोनों से 12 हजार, मोबाइल फोन, पिन कोड और अन्य सामान लेकर फरार हो गए थे। खाते से 90500 रुपये निकाल लिए थे।
एसपी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर एसएचओ बिपिन चंद्र पाठक की अगुवाई में टीमें गठित कर खुलासे के लिए लगाई गई। सीसीटीवी व अन्य माध्यमों से खोजबीन कर आरोपी सौरभ निवासी पिरपहार थाना मुफस्सिल पोस्ट बेनीगीर जिला मुंगेर बिहार, सुमित निवासी नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, किशन कुमार निवासी लैलत मलखा पोस्ट मलखा थाना सबोर जिला भागलपुर बिहार, जितेंद्र कुमार चौधरी निवासी ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, बंटी कुमार निवासी ग्राम कटारिया काली स्थान थाना मुफस्सिल जिला मुंगेर को रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से गिरफ्तार कर लिया गया। 25 हजार नकद, पीड़ित का मोबाइल फोन, ट्रांसफर किए गए 49999 को खाते में फ्रीज करवाया।
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फिल्मी अंदाज में करते थे आरोपी यात्रियों से ठगी
सीओ अनुज ने बताया कि मामा टीटी गैंग के आरोपी फिल्मी अंदाज में यात्रियों को अपने जाल में फंसाते थे। गैंग के दो सदस्य पहले यात्रियों से मेलजोल बढ़ाकर उन्हें फर्जी टीटी से मिलवाते थे। इसके बाद एसी कोच के नियमों का हवाला देकर नकदी, मोबाइल और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लेते थे। आरोपी बैंक खाते का पिन भी पूछकर रकम साफ कर देते थे। आरोपी बिहार जाने वाली ट्रेन से फरार होने की फिराक में थे। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
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महंगे शौक के लिए चुना ठगी का रास्ता
इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि आरोपी सौरभ नौवीं पास है। बिहार में दिहाड़ी मजदूरी करता था। सुमित कुमार 12वीं पास है। मुंगेर में ऑटो चलाता था और एक स्थानीय कंपनी में काम करता था। किशन कुमार दसवीं पास है। भागलपुर में सब्जी बेचने और टाइल्स लगाने का काम करता था। जितेंद्र कुमार दसवीं फेल है। मुंगेर में राजमिस्त्री का काम करता था और तीन बच्चों का पिता है। बंटी कुमार 12वीं पास है। बीए में दाखिला लेने की तैयारी कर रहा था। महंगे मोबाइल, बाइक और अन्य शौक पूरे करने के लिए वे त्योहारी सीजन में ठगी करने के लिए हरिद्वार आए थे।
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- जीआरपी एसपी ने पत्रकार वार्ता कर किया खुलासा, आरोपियों को जेल भेजा
- 25 हजार नकद, मोबाइल फोन बरामद, 50 हजार की रकम कराई फ्रीज
- पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों से ठगी के बाद जीआरपी जुटी थी धरपकड़ में
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रेलवे स्टेशनों पर हमारे मामा टीटी हैं कहकर यात्रियों को कंफर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पश्चिम बंगाल के दो यात्रियों से ठगी गई रकम में से 25 हजार, मोबाइल फोन बरामद किया है। 50 हजार की रकम फ्रीज कराई है। आरोपी सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी व बंटी कुमार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसपी अरुणा भारती ने पुलिस टीम को ढाई हजार इनाम की घोषणा की है।
बुधवार को रानीपुर स्थित जीआरपी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर एसपी अरुणा भारती ने मामा टीटी गैंग का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि 10 अक्तूबर की रात बिस्वजीत सौरेन निवासी ग्राम बेलियाबाथन, थाना जेके नगर जिला बर्धमान पश्चिम बंगाल व उसके साथी रंजीत कोरा से कुछ लोगों ने मोबाइल फोन व रकम ठग ली थी।
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दोनों हरिद्वार में मजदूरी कर पैसे अकाउंट में जोड़कर त्योहार के लिए कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन से जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। ट्रेन का इंतजार करते समय दो शख्स आए और बिहार जाने की बात कहकर बताया कि उनके मामा रेलवे में टीटी हैं। वह उनके जनरल टिकट को एसी थर्ड कोच स्लीपर में बदलवा देंगे।
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तीसरे साथी को टीटी बनाकर दोनों लोगों से मिलवाया। नियम का हवाला देकर एसी कोच में जाने से पहले सामान की जानकारी देने की बात कही। झांसे में फंसाने के बाद दोनों से 12 हजार, मोबाइल फोन, पिन कोड और अन्य सामान लेकर फरार हो गए थे। खाते से 90500 रुपये निकाल लिए थे।
एसपी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर एसएचओ बिपिन चंद्र पाठक की अगुवाई में टीमें गठित कर खुलासे के लिए लगाई गई। सीसीटीवी व अन्य माध्यमों से खोजबीन कर आरोपी सौरभ निवासी पिरपहार थाना मुफस्सिल पोस्ट बेनीगीर जिला मुंगेर बिहार, सुमित निवासी नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, किशन कुमार निवासी लैलत मलखा पोस्ट मलखा थाना सबोर जिला भागलपुर बिहार, जितेंद्र कुमार चौधरी निवासी ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, बंटी कुमार निवासी ग्राम कटारिया काली स्थान थाना मुफस्सिल जिला मुंगेर को रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से गिरफ्तार कर लिया गया। 25 हजार नकद, पीड़ित का मोबाइल फोन, ट्रांसफर किए गए 49999 को खाते में फ्रीज करवाया।
फिल्मी अंदाज में करते थे आरोपी यात्रियों से ठगी
सीओ अनुज ने बताया कि मामा टीटी गैंग के आरोपी फिल्मी अंदाज में यात्रियों को अपने जाल में फंसाते थे। गैंग के दो सदस्य पहले यात्रियों से मेलजोल बढ़ाकर उन्हें फर्जी टीटी से मिलवाते थे। इसके बाद एसी कोच के नियमों का हवाला देकर नकदी, मोबाइल और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लेते थे। आरोपी बैंक खाते का पिन भी पूछकर रकम साफ कर देते थे। आरोपी बिहार जाने वाली ट्रेन से फरार होने की फिराक में थे। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
महंगे शौक के लिए चुना ठगी का रास्ता
इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि आरोपी सौरभ नौवीं पास है। बिहार में दिहाड़ी मजदूरी करता था। सुमित कुमार 12वीं पास है। मुंगेर में ऑटो चलाता था और एक स्थानीय कंपनी में काम करता था। किशन कुमार दसवीं पास है। भागलपुर में सब्जी बेचने और टाइल्स लगाने का काम करता था। जितेंद्र कुमार दसवीं फेल है। मुंगेर में राजमिस्त्री का काम करता था और तीन बच्चों का पिता है। बंटी कुमार 12वीं पास है। बीए में दाखिला लेने की तैयारी कर रहा था। महंगे मोबाइल, बाइक और अन्य शौक पूरे करने के लिए वे त्योहारी सीजन में ठगी करने के लिए हरिद्वार आए थे।