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फेरी मजदूर का बेटा बनेगा डॉक्टर
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:25 AM IST
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मजदूर का बेटा बनेगा डाक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। बहादराबाद से सटे सलेमपुर गांव में फेरी लगाकर गली-गली किरयाना का सामान बेचने वाले बिजेंद्र सिंह का होनहार बेटा रोबिन डाक्टर बनेगा।
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आज ही जारी हुए नीट के परीक्षा परिणाम में सलेमपुर गांव के रहने वाले रोबिन ने 1852वीं रैंक प्राप्त की। रोबिन एक बेहद सामान्य परिवार का छात्र है। रोबिन जब छोटा था तो उसके मां का निधन हो गया था। पिता बिजेंद्र ने साइकिल पर गांव-गांव घूमकर दाल, मसाले और किरयाने का सामान बेचकर चार बच्चों लालन-पालन करते हैं। रोबिन की सबसे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। रोबिन ने बताया कि उसने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा गांव के ही राजकीय इंटर कॉलेज से पास की। इसके बाद से उसने चिकित्सक बनना ही अपना लक्ष्य बना लिया था। वर्ष 2014 में उसने ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज में बीएएमएस में प्रवेश भी ले लिया था लेकिन उस समय आर्थिक स्थिति सही नहीं होने और एमबीबीएस बनने के जुनून के कारण उसने पढ़ाई छोड़ दी। उसकी प्रतिभा को देखते हुए कोटा क्लासेज ने उसे निशुल्क कोचिंग दी। अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार खासतौर पर बड़ी बहन मीना को दिया। रोबिन ने कहा कि बड़ी घर चलाने और छोटे भाइयों को पढ़ाने सहित सारा काम संभालती थी। इसलिए खुद पढ़ भी नहीं सकी। शादी के बाद अपनी ससुराल जा चुकी मीना भाई की सफलता पर बहुत खुश है। अब घर का सारा काम छोटी बहन राखी संभालती है जो खुद बीए की छात्रा है। रोबिन चिकित्सक बनकर जहां लोगों की सेवा करना चाहते हैं। वहीं अपने छोटे भाई बहनों को भी पढ़ा लिखाकर काबिल बनाना उनका सपना है।
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