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यूरिया की लिमिट और सदस्य को ही यूरिया देने पर भड़के किसान
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बादशाहपुर सहकारी समिति में किसान यूरिया खाद नहीं मिलने को लेकर हंगामा के दौरान लगी भीड़ ।
- फोटो : HARIDWAR
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सहकारी समितियों में सदस्य को ही पांच कट्टे देने की बाध्यता करने और पर्याप्त यूरिया न आने पर किसानों ने हंगामा काटा। कई किसानों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सदस्यता नहीं होने पर उन्हें यूरिया नहीं दिया जा रहा।
करीब डेढ़ महीने बाद शुक्रवार को बादशाहपुर और कटारपुर समिति में यूरिया की दो-दो गाड़ियां आई। इनमें 900-900 कट्टे एक-एक समिति को मिले। धनौरी क्षेत्र में कोटा मुरादनगर और औरंगाबाद की समिति में 450-450 कट्टे आए। यूरिया आने की सूचना मिलते ही किसान भारी संख्या में समितियों पर पहुंच गए। कम यूरिया आने और पांच-पांच कट्टे मिलने की बाध्यता होने पर किसानों में आपाधापी मच गई। समिति पर किसानों ने कई बार हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर किसानों को समझा बुझाकर शांत किया।
रमेश, अशोक, जोगेंद्र, प्रमोद, महेंद्र, ताहिर आदि किसानों का कहना है कि एक माह बाद सहकारी समितियों में यूरिया खाद आया है। किसानों को यूरिया खाद नकद नहीं दिया जा रहा है। यह उनके साथ नाइंसाफी है। किसानों ने डीएम से नकद यूरिया खाद दिलाने की मांग की है। नूतन कुमार, चंद्रशेखर सैनी, सुखदेव पाल, मोहल्ड सिंह, मांगेराम सैनी आदि किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में खड़ी गन्ना, धान, मक्का, उड़द, मूंग आदि फसलों में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है।
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करीब डेढ़ महीने बाद शुक्रवार को बादशाहपुर और कटारपुर समिति में यूरिया की दो-दो गाड़ियां आई। इनमें 900-900 कट्टे एक-एक समिति को मिले। धनौरी क्षेत्र में कोटा मुरादनगर और औरंगाबाद की समिति में 450-450 कट्टे आए। यूरिया आने की सूचना मिलते ही किसान भारी संख्या में समितियों पर पहुंच गए। कम यूरिया आने और पांच-पांच कट्टे मिलने की बाध्यता होने पर किसानों में आपाधापी मच गई। समिति पर किसानों ने कई बार हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर किसानों को समझा बुझाकर शांत किया।
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रमेश, अशोक, जोगेंद्र, प्रमोद, महेंद्र, ताहिर आदि किसानों का कहना है कि एक माह बाद सहकारी समितियों में यूरिया खाद आया है। किसानों को यूरिया खाद नकद नहीं दिया जा रहा है। यह उनके साथ नाइंसाफी है। किसानों ने डीएम से नकद यूरिया खाद दिलाने की मांग की है। नूतन कुमार, चंद्रशेखर सैनी, सुखदेव पाल, मोहल्ड सिंह, मांगेराम सैनी आदि किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में खड़ी गन्ना, धान, मक्का, उड़द, मूंग आदि फसलों में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है।
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