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रख-रखाव के अभाव में दम तोड़ने लगा आस्था पथ
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आस्था पथ पर उगे झाड़-झांगड़।
- फोटो : HARIDWAR
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महाकुंभ में आस्था पथ पर बनाया गया सैंड गार्डन और आस्था पार्क बदहाल है। बदहाली का आलम यह है कि यहां गंगा की सिल्ट के ढेर लगे हैं और जगह जगह झाड़ियां उग गई हैं। सुबह और शाम की सैर करने वाले लोग अब इस गार्डन और पार्क में बैठना पसंद नहीं करते हैं। पहले सिंचाई विभाग और अब हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण उदासीनता के कारण गार्डन और पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
महाकुंभ 2021 के दौरान में गंगा किनारे पंतद्वीप पार्किंग से लेकर चंडीघाट पुल तक करीब एक किलोमीटर आस्था पथ का निर्माण बीस करोड़ 70 लाख रुपये किया गया था। यह आस्था पथ रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत बनाया गया। इसका मकसद कुंभ की दिव्यता और भव्यता बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं को सुबह शाम की सैर करने के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराना था। आस्था पथ पर सैर करने के दौरान लोगों को बैठने और आराम करने के लिए सैंड गार्डन और आस्था पार्क भी बनाया गया। यहां बैठकर लोग योग करने के साथ ध्यान भी लगा सकते थे। आस्था पथ का निर्माण करने वाले सिंचाई विभाग ने महाकुंभ संपन्न होने के बाद इसकी सुध नहीं ली। सैंड गार्डन और आस्था पार्क बदहाल होने से यहां सैर करने वाले लोग झांकते तक नहीं।
अब एचआरडीए को हो चुका हैंडओवर
26 सितंबर को आस्था पथ में स्वामी वामदेव की प्रतिमा का लोकार्पण करने के लिए आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आस्था पथ में स्थित वाटिका का नाम भी स्वामी वामदेव वाटिका करने की घोषणा की। देखरेख की जिम्मेदारी भी हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को देने की बात कही। पिछले सप्ताह ही प्राधिकरण को आस्था पथ हैंड ओवर किया जा चुका है।
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आस्था पथ हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित किया जा चुका है। उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी अब प्राधिकरण की है।
- मंजू, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
जल्द ही आस्था पथ में बने गार्डन और पार्क को ठीक करने का काम शुरू किया जाएगा। ताकि लोगों को लाभ मिल सके। - -उत्तम सिंह चौहान, सचिव, एचआरडीए
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महाकुंभ 2021 के दौरान में गंगा किनारे पंतद्वीप पार्किंग से लेकर चंडीघाट पुल तक करीब एक किलोमीटर आस्था पथ का निर्माण बीस करोड़ 70 लाख रुपये किया गया था। यह आस्था पथ रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत बनाया गया। इसका मकसद कुंभ की दिव्यता और भव्यता बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं को सुबह शाम की सैर करने के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराना था। आस्था पथ पर सैर करने के दौरान लोगों को बैठने और आराम करने के लिए सैंड गार्डन और आस्था पार्क भी बनाया गया। यहां बैठकर लोग योग करने के साथ ध्यान भी लगा सकते थे। आस्था पथ का निर्माण करने वाले सिंचाई विभाग ने महाकुंभ संपन्न होने के बाद इसकी सुध नहीं ली। सैंड गार्डन और आस्था पार्क बदहाल होने से यहां सैर करने वाले लोग झांकते तक नहीं।
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अब एचआरडीए को हो चुका हैंडओवर
26 सितंबर को आस्था पथ में स्वामी वामदेव की प्रतिमा का लोकार्पण करने के लिए आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आस्था पथ में स्थित वाटिका का नाम भी स्वामी वामदेव वाटिका करने की घोषणा की। देखरेख की जिम्मेदारी भी हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को देने की बात कही। पिछले सप्ताह ही प्राधिकरण को आस्था पथ हैंड ओवर किया जा चुका है।
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आस्था पथ हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित किया जा चुका है। उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी अब प्राधिकरण की है।
- मंजू, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
जल्द ही आस्था पथ में बने गार्डन और पार्क को ठीक करने का काम शुरू किया जाएगा। ताकि लोगों को लाभ मिल सके। - -उत्तम सिंह चौहान, सचिव, एचआरडीए