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डीएफओ के खिलाफ कर्मियों ने खोला मोर्चा
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वन कर्मियों ने अभद्रता का आरोप लगाकर एक सप्ताह पहले ही आए नए डीएफओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारी कार्यबहिष्कार कर डीएफओ दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे गए। जहां कर्मचारियों ने दो दिन में डीएफओ के ट्रांसफर की मांग की। चेतावनी दी कि यदि दो दिन में डीएफओ का ट्रांसफर नहीं किया गया तो दफ्तर में तालाबंदी कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सोमवार को उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन शाखा हरिद्वार के बैनर तले हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय के कर्मचारी दफ्तर पहुंचते ही कार्यबहिष्कार कर डीएफओ कार्यालय के बाहर दरी बैैठाकर धरने पर बैठे गए। कर्मचारी नेता शेखर जोशी ने कहा कि डीएफओ डीएस मीणा ने पांच दिसंबर को ज्वाइन किया है। कर्मचारियों ने चार्ज संभालते ही उनका स्वागत किया था। शेखर जोशी ने कहा कि नए डीएफओ को शायद यह रास नहीं आया। वह सभी कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर रहे हैं। किसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। जबकि वह अब तक कार्यालय में दो ही दिन बैठे हैं। इतने में वह कर्मचारियों को ठीक से जान भी नहीं सके हैं, लेकिन कर्मचारियों को बिना जाने-पहचाने ही आरोप लगाने के साथ और अभद्रता कर रहे हैं।
बुरहान अली ने कहा कि ऐसे अधिकारी के साथ वह किसी भी हालत में काम नहीं कर सकते हैं। इसलिए उनका यहां से ट्रांसफर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह 14 दिसंबर तक डीएफओ के ट्रांसफर की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार करेंगे। यदि ट्रांसफर नहीं किया गया तो 15 दिसंबर से तालाबंदी और प्रदेश संगठन समेत विभिन्न घटक संगठन के कर्मचारी भी आंदोलन में जुट जाएंगे। उधर, डीएफओ ने अपने विरुद्ध कर्मचारियों के लामबंद होने पर पहले कर्मचारियों से फोन पर और बाद में धरनास्थल पर भी पहुंचकर वार्ता की। लेकिन कर्मचारी नहीं माने।
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कर्मचारियों को कार्यों में सुधार लाने के लिए कहा जा रहा है। क्योंकि वह बेवजह से फाइलों को अटका रहे हैं। इस संबंध में एसडीएओ और अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। पूरे कार्यालय का ऑडिट भी कराने जा रहा हूं। बस इसलिए कर्मचारी उल्टे-सीधे आरोप लगा रहे हैं, जो निराधार हैं।
- डीएस मीणा, डीएफओ
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सोमवार को उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन शाखा हरिद्वार के बैनर तले हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय के कर्मचारी दफ्तर पहुंचते ही कार्यबहिष्कार कर डीएफओ कार्यालय के बाहर दरी बैैठाकर धरने पर बैठे गए। कर्मचारी नेता शेखर जोशी ने कहा कि डीएफओ डीएस मीणा ने पांच दिसंबर को ज्वाइन किया है। कर्मचारियों ने चार्ज संभालते ही उनका स्वागत किया था। शेखर जोशी ने कहा कि नए डीएफओ को शायद यह रास नहीं आया। वह सभी कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर रहे हैं। किसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। जबकि वह अब तक कार्यालय में दो ही दिन बैठे हैं। इतने में वह कर्मचारियों को ठीक से जान भी नहीं सके हैं, लेकिन कर्मचारियों को बिना जाने-पहचाने ही आरोप लगाने के साथ और अभद्रता कर रहे हैं।
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बुरहान अली ने कहा कि ऐसे अधिकारी के साथ वह किसी भी हालत में काम नहीं कर सकते हैं। इसलिए उनका यहां से ट्रांसफर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह 14 दिसंबर तक डीएफओ के ट्रांसफर की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार करेंगे। यदि ट्रांसफर नहीं किया गया तो 15 दिसंबर से तालाबंदी और प्रदेश संगठन समेत विभिन्न घटक संगठन के कर्मचारी भी आंदोलन में जुट जाएंगे। उधर, डीएफओ ने अपने विरुद्ध कर्मचारियों के लामबंद होने पर पहले कर्मचारियों से फोन पर और बाद में धरनास्थल पर भी पहुंचकर वार्ता की। लेकिन कर्मचारी नहीं माने।
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कर्मचारियों को कार्यों में सुधार लाने के लिए कहा जा रहा है। क्योंकि वह बेवजह से फाइलों को अटका रहे हैं। इस संबंध में एसडीएओ और अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। पूरे कार्यालय का ऑडिट भी कराने जा रहा हूं। बस इसलिए कर्मचारी उल्टे-सीधे आरोप लगा रहे हैं, जो निराधार हैं।
- डीएस मीणा, डीएफओ