{"_id":"57d8427a4f1c1ba73dd48039","slug":"eid-ul-adha-celebrated-play-sunnah","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुन्नत अदा कर मनाई ईद उल अजहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुन्नत अदा कर मनाई ईद उल अजहा
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
Eid ul Adha celebrated play Sunnah
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पैगंबर हजरत इब्राहीम की सुन्नत अदा करते हुए ईद उल अजहा का त्योहार पूरी अकीदत के साथ मनाया। ज्वालापुर ईदगाह और बड़ी जामा मस्जिद सहित शहर व देहात की तमाम मस्जिदों में अलग- अलग वक्त पर ईद की नमाज अदा की गई। उसके बाद कुरबानी की रस्म अदा हुई। लोगों ने एक- दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान गरीब और यतीमों का खास ख्याल रखा गया।
ज्वालापुर ईदगाह में सुबह साढ़े नौ बजे ईद उल अजहा की नमाज अदा कराते हुए हाफिज अब्दुल वहीद ने कुरबानी का सुन्नत तरीका बताया। ईदगाह से सटे मदरसा दारुल उलूम रशीदिया के मोहतमिम मौलाना आरिफ कासमी ने कुरबानी की नीयत बयान की। कटहरा बाजार की बड़ी जामा मस्जिद में हाफिज हसन ने ईद की नमाज अदा कराई। मंडी की मस्जिद में हाफिज कुतबुद्दीन और मस्जिद अली में हाफिज गुलशनव्वर साबरी ने ईद की नमाज अदा कराने से पहले पैगंबर हजरत इब्राहीम के इम्तिहान की पूरी हदीस बयान की। तेलियान की मस्जिद फातिमा में मदरसा इस्लामिया रशीदिया के मोहतमिम मौलाना इकबाल कासमी ने ईद की नमाज अदा कराने से नमाजियों से अपील करते हुए कहा कि कुरबानी के दौरान सभी हमवतन भाइयों की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाए।
कुरबानी का गोश्त ढककर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाए। ईद की नमाज के बाद साहिब ए निसाब (जिन पर कुरबानी वाजिब हो) लोगों ने कुरबानी की रस्म अदा की गई। ज्वालापुर ईदगाह में नमाज के दौरान एसपी सिटी ममता वोहरा, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी, सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत सहित अलग- अलग राजनीतिक व सामाजिक दलों के प्रतिनिधियों ने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद दी। ईदगाह कमेटी के सदर हाजी इरफान अंसारी, सेक्रेटरी हाजी नईम कुरैशी ने व्यवस्थाओं पर पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
विज्ञापन
इस दौरान नायब सदर हाजी रफी खान, छम्मा ठेकेदार, मकबूल कुरैशी, नामित पार्षद छम्मन पीरजी, सद्दीक गौड, मुकर्रम अंसारी, अकबर खान, शाहबुद्दीन अंसारी, चौधरी मुस्तुफा ख्वाजा, चौधरी हनीफ खां, अहसान अंसारी, मुनव्वर कुरैशी, मुकर्रम अली, हाजी जमशेद खान, राहत अंसारी, अरशद ख्वाजा, अतहर अंसारी, सुहेल कुरैशी, फकीरा खान, शाहनवाज मंसूरी, बबलू खान समेत हजारों की तादाद में नमाजियों ने अमन चैन की दुआएं मांगी।
देहात में भी अकीदत से मना त्योहार
ज्वालापुर से सटे सराय, गाढ़ोवाली, पथरी, धनपुरा, गाढ़ोवाली, बहादराबाद, सलेमपुर, रावली महदूद, गढ़ मीरपुर आदि गांवों में आसपास ही ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद उल अजहा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक हर नमाज के फौरन बाद तकबीर पढ़ी जाती है। मस्जिदों में यह तकबीर बुलंद आवाज से पढ़ते हैं। यही तकबीर हज के दौरान सऊदी अरब के मक्का में हज अदा करने के दौरान पढ़ी जाती है। हदीस में इसकी खास फजीलत बताई गई है।
ज्वालापुर ईदगाह में सुबह साढ़े नौ बजे ईद उल अजहा की नमाज अदा कराते हुए हाफिज अब्दुल वहीद ने कुरबानी का सुन्नत तरीका बताया। ईदगाह से सटे मदरसा दारुल उलूम रशीदिया के मोहतमिम मौलाना आरिफ कासमी ने कुरबानी की नीयत बयान की। कटहरा बाजार की बड़ी जामा मस्जिद में हाफिज हसन ने ईद की नमाज अदा कराई। मंडी की मस्जिद में हाफिज कुतबुद्दीन और मस्जिद अली में हाफिज गुलशनव्वर साबरी ने ईद की नमाज अदा कराने से पहले पैगंबर हजरत इब्राहीम के इम्तिहान की पूरी हदीस बयान की। तेलियान की मस्जिद फातिमा में मदरसा इस्लामिया रशीदिया के मोहतमिम मौलाना इकबाल कासमी ने ईद की नमाज अदा कराने से नमाजियों से अपील करते हुए कहा कि कुरबानी के दौरान सभी हमवतन भाइयों की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाए।
विज्ञापन
कुरबानी का गोश्त ढककर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाए। ईद की नमाज के बाद साहिब ए निसाब (जिन पर कुरबानी वाजिब हो) लोगों ने कुरबानी की रस्म अदा की गई। ज्वालापुर ईदगाह में नमाज के दौरान एसपी सिटी ममता वोहरा, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी, सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत सहित अलग- अलग राजनीतिक व सामाजिक दलों के प्रतिनिधियों ने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद दी। ईदगाह कमेटी के सदर हाजी इरफान अंसारी, सेक्रेटरी हाजी नईम कुरैशी ने व्यवस्थाओं पर पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
विज्ञापन
इस दौरान नायब सदर हाजी रफी खान, छम्मा ठेकेदार, मकबूल कुरैशी, नामित पार्षद छम्मन पीरजी, सद्दीक गौड, मुकर्रम अंसारी, अकबर खान, शाहबुद्दीन अंसारी, चौधरी मुस्तुफा ख्वाजा, चौधरी हनीफ खां, अहसान अंसारी, मुनव्वर कुरैशी, मुकर्रम अली, हाजी जमशेद खान, राहत अंसारी, अरशद ख्वाजा, अतहर अंसारी, सुहेल कुरैशी, फकीरा खान, शाहनवाज मंसूरी, बबलू खान समेत हजारों की तादाद में नमाजियों ने अमन चैन की दुआएं मांगी।
देहात में भी अकीदत से मना त्योहार
ज्वालापुर से सटे सराय, गाढ़ोवाली, पथरी, धनपुरा, गाढ़ोवाली, बहादराबाद, सलेमपुर, रावली महदूद, गढ़ मीरपुर आदि गांवों में आसपास ही ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद उल अजहा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक हर नमाज के फौरन बाद तकबीर पढ़ी जाती है। मस्जिदों में यह तकबीर बुलंद आवाज से पढ़ते हैं। यही तकबीर हज के दौरान सऊदी अरब के मक्का में हज अदा करने के दौरान पढ़ी जाती है। हदीस में इसकी खास फजीलत बताई गई है।